देहरादून: राज्य मंत्रिमण्डल की बैठक में पारेषण लाइनों के लिए भू-स्वामियों को बढ़ा मुआवजा देने, जन विश्वास अध्यादेश 2025 लागू करने, भवन निर्माण उपविधियों में संशोधन, रिजॉर्ट निर्माण मानकों में ढील, टाउन प्लानिंग व लैंड पूलिंग नियमावली लागू करने सहित कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने पारेषण लाइनों के मार्गाधिकार विवाद समाधान हेतु मुआवजा बढ़ाने का फैसला लिया है। टावर के नीचे की भूमि पर अब सर्किल रेट का दोगुना मुआवजा दिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में 30%, अर्द्ध-नगरीय में 45% और नगरीय क्षेत्रों में 60% की दर से मुआवजा देय होगा।
“उत्तराखण्ड जन विश्वास (संशोधन) अध्यादेश 2025” को मंजूरी देते हुए छोटे अपराधों में कारावास की जगह मौद्रिक दंड का प्रावधान किया गया है तथा दंड हर तीन वर्ष में 10% स्वतः बढ़ेंगे।
ग्रीन बिल्डिंग को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त FAR की सुविधा, भवन निर्माण उपविधियों में मार्ग चौड़ाई, FAR, होटल एवं रिजॉर्ट मानकों में संशोधन को भी हरी झंडी मिली। अब कृषि भूमि पर बिना भू-उपयोग परिवर्तन के रिजॉर्ट निर्माण संभव होगा।
टाउन प्लानिंग एवं लैंड पूलिंग के नए नियम लागू किए जाएंगे, जिससे शहरी विकास व्यवस्थित हो सकेगा।
तकनीकी विश्वविद्यालय में फैकल्टी भर्ती अब विश्वविद्यालय स्तर से होगी। लोक निर्माण विभाग में कनिष्ठ अभियंता पदोन्नति नियमों में भी बदलाव किया गया।
नैनी-सैनी एयरपोर्ट स्थायी रूप से AAI को हस्तांतरित करने को स्वीकृति दी गई। सितारगंज के कल्याणपुर में विस्थापित किसानों की भूमि विनियमितीकरण हेतु सर्किल रेट शिथिल किए गए।
सायलेज पर अनुदान 75% से घटाकर 60% किया गया है, ताकि अधिक पशुपालक लाभान्वित हो सकें।
देहरादून में रिस्पना व बिंदाल एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं में जीएसटी और रॉयल्टी पर छूट की स्वीकृति दी गई।
सुगंध पौधा केंद्र का नाम बदलकर Institute of Perfumery and Aromatic Research (IPAR) किया गया। स्क्रैप वाहनों के बदले नए वाहन के पंजीकरण पर 50% मोटरयान कर में छूट का निर्णय लिया गया।
मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना को मंजूरी देते हुए विश्वविद्यालयों व कॉलेजों के छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग शुरू की जाएगी। कक्षा 11-12 के विद्यार्थियों को CLAT, NEET और JEE की तैयारी भी इसी योजना के तहत कराई जाएगी।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता–2023 के तहत देहरादून में अभियोजन निदेशालय स्थापित किया जाएगा।
साथ ही, जीएसटी संशोधन अध्यादेश को भी कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान की।
