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अंटार्कटिका फतह: उत्तराखंड की कविता चंद ने माउंट विंसन पर फहराया तिरंगा

By: Naveen Joshi

On: Monday, December 15, 2025 10:22 AM

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देहरादून। उत्तराखंड के धारा नौला, अल्मोड़ा की बेटी और वर्तमान में मुंबई में रह रहीं 40 वर्षीय एंड्योरेंस एथलीट कविता चंद ने अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट विंसन (4,892 मीटर) पर सफल चढ़ाई कर इतिहास रच दिया है। कविता ने 14 दिसंबर 2025 को शिखर पर पहुंचकर भारतीय तिरंगा फहराया और देश व प्रदेश का नाम वैश्विक मंच पर रोशन किया।

 

यह उपलब्धि कविता चंद के महत्वाकांक्षी ‘सेवन समिट्स’ लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिसके अंतर्गत विश्व के सातों महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों को फतह किया जाता है। इससे पहले वह यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस पर भी सफल चढ़ाई कर चुकी हैं।

 

दुनिया की सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण पर्वतारोहण अभियानों में शामिल माउंट विंसन पर अत्यधिक ठंड, पूर्ण एकांत और अप्रत्याशित मौसम जैसी विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। कविता का यह अभियान 3 दिसंबर को भारत से रवाना होने के साथ शुरू हुआ। वह 4 दिसंबर को चिली के पुंटा एरेनास पहुंचीं और 7 दिसंबर को यूनियन ग्लेशियर के लिए उड़ान भरी। इसके बाद स्की-सुसज्जित विशेष विमान से लगभग 40 मिनट की उड़ान में वह 2,100 मीटर की ऊंचाई पर स्थित विंसन बेस कैंप पहुंचीं, जो अंटार्कटिक अभियानों की जटिल लॉजिस्टिक्स को दर्शाता है।

 

इस अभियान का नेतृत्व प्रसिद्ध हाई-एल्टीट्यूड गाइड मिंग्मा डेविड शेरपा ने किया। भारतीय दल को अनुभवी पर्वतारोही भरत थम्मिनेनी और उनकी एक्सपेडिशन कंपनी ‘बूट्स एंड क्रैम्पन’ का सहयोग प्राप्त रहा। नौ सदस्यीय भारतीय टीम ने सटीक योजना, समुचित एक्लिमेटाइजेशन और मजबूत टीम समन्वय के बल पर इस दुर्गम शिखर तक सफलता प्राप्त की।

अपनी उपलब्धि पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कविता चंद ने कहा,

“माउंट विंसन के शिखर पर भारतीय तिरंगा फहराना मेरे लिए शब्दों से परे सम्मान की अनुभूति है। मैं चाहती हूं कि यह उपलब्धि पेशेवरों को यह विश्वास दिलाए कि फिटनेस, महत्वाकांक्षा और करियर की सफलता एक साथ आगे बढ़ सकती हैं।”

 

पर्वतारोहण के साथ-साथ कविता एंड्योरेंस रनिंग के क्षेत्र में भी अपनी सशक्त पहचान बना चुकी हैं। वह एक समर्पित मैराथन धावक हैं और अपनी आयु वर्ग में दिल्ली व मुंबई हाइरॉक्स 2025 प्रतियोगिताओं की विजेता रह चुकी हैं। इसके अतिरिक्त वह प्रतिष्ठित एबॉट वर्ल्ड मैराथन मेजर्स सिक्स स्टार चैलेंज की छह में से तीन मैराथन पूरी कर चुकी हैं।

 

पूर्व में मीडिया क्षेत्र से जुड़ी रहीं कविता ने वर्ष 2024 में अपने कॉरपोरेट करियर से हटकर स्वयं को पूर्णतः फिटनेस और खेल को समर्पित करने का निर्णय लिया। उन्होंने 2017 में दौड़ना शुरू किया और 2024 में पर्वतारोहण अपनाया। मां बनने के बाद गंभीर फिटनेस को अपनाने वाली कविता आज संतुलन, मानसिक दृढ़ता और दीर्घकालिक स्वास्थ्य का प्रेरक उदाहरण बन चुकी हैं।

 

कविता के पति दीपक चंद ठाकुर, जो एनपीएसटी (NPST) के सीईओ एवं सह-संस्थापक हैं, उनके पूरे सफर में निरंतर सहयोग और संबल का मजबूत आधार रहे हैं।

 

अंटार्कटिका की बर्फीली चोटी को फतह कर और अब अगली चुनौतियों की ओर अग्रसर कविता चंद न केवल व्यक्तिगत सीमाएं लांघ रही हैं, बल्कि अपनी उत्तराखंड की जड़ों को गर्व के साथ दुनिया की सर्वोच्च चोटियों तक पहुंचा रही हैं।

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