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उत्तराखण्ड के प्रत्येक विकासखण्ड में विकसित होंगे आदर्श कृषि एवं उद्यान गांव

By: Naveen Joshi

On: Thursday, May 14, 2026 7:29 PM

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देहरादून। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने राज्य में किसानों की आय बढ़ाने, जैविक खेती को प्रोत्साहन देने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को गांव-गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रत्येक विकासखण्ड में एक-एक आदर्श कृषि एवं उद्यान गांव विकसित करने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड की बैठक में उन्होंने अधिकारियों को आगामी तीन वर्षों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों, जलवायु, भूमि की गुणवत्ता तथा स्थानीय आवश्यकताओं का वैज्ञानिक अध्ययन कर यह तय किया जाए कि किस क्षेत्र में कौन-सी फसल, फल अथवा सब्जी बेहतर ढंग से विकसित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक कृषि पद्धतियों के समन्वय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है तथा राज्य को कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई जा सकती है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं में किसानों के हित सर्वोपरि रखे जाएं तथा खेती की लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि Govind Ballabh Pant University of Agriculture and Technology सहित अन्य संस्थानों के सहयोग से प्रदेशभर में बड़े स्तर पर कृषि गोष्ठियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए, ताकि किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, बेहतर खेती के तरीके और उच्च गुणवत्ता वाले बीज, पौधे एवं खाद उपलब्ध कराए जा सकें।

मुख्यमंत्री ने सरसों, तिल, सूरजमुखी और सोयाबीन जैसी तिलहनी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि किसानों को इन फसलों के प्रति जागरूक किया जाए, जिससे कृषि विविधीकरण को बढ़ावा मिले और उन्हें बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त हो सके।

बैठक में मुख्यमंत्री ने बायोगैस संयंत्रों और सौर ऊर्जा संचालित पंपों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज के विपणन में हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए तथा डिजिटल माध्यमों से बिक्री के लिए आवश्यक सुविधाएं और प्रशिक्षण भी दिए जाएं।

मुख्यमंत्री ने राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास करने पर बल देते हुए कहा कि शोध और तकनीकी नवाचारों का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाने के उद्देश्य से अधिक से अधिक किसानों को “लैब टू लैंड” कार्यक्रम से जोड़ा जाए।

बैठक में उत्तराखण्ड मंडी परिषद के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार डब्बू, सचिव डॉ. एस.एन. पाण्डेय, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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