देहरादून, जिलाधिकारी ने ऋषिकेश के लालपानी क्षेत्र में निर्माणाधीन एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) प्लांट का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं समयबद्धता की गहन समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि ऋषिकेश के अमित ग्राम क्षेत्र में नगर निगम के माध्यम से 23.15 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हो रहे 240 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाले ठोस अपशिष्ट प्रोसेसिंग प्लांट का कार्य अपेक्षित गति से नहीं चल रहा है। कार्यदायी संस्था निकाफ कंपनी को दिसंबर 2025 तक परियोजना पूर्ण करनी थी, जबकि वर्तमान में मात्र 60 प्रतिशत कार्य ही संपन्न हो पाया है। इस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए नगर निगम एवं कार्यदायी संस्था को कड़ी फटकार लगाई।
जिलाधिकारी ने अनुबंध की निर्धारित शर्तों, तय टाइमलाइन तथा कार्य में आ रही बाधाओं को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अनुबंध की शर्तों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर पेनल्टी सहित सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्लांट में अब तक एलटीपी मशीनों की स्थापना न होने पर भी जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए नगर आयुक्त को नियमित फॉलोअप करने तथा मशीन इंस्टॉलेशन के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना में अनावश्यक विलंब जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों के विपरीत है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि यह प्लांट क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ होगी और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्लांट में स्थापित की जा रही मशीनरी, कचरा पृथक्करण प्रणाली, लीचेट ट्रीटमेंट व्यवस्था एवं भविष्य की संचालन योजना की भी जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्लांट को शीघ्र संचालित करने की दिशा में ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।
इस अवसर पर महापौर नगर निगम ऋषिकेश शंभू पासवान, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
