देहरादून/ऋषिकेश। उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में वन विभाग ऋषिकेश की भूमि पर अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस, वन विभाग एवं प्रशासन की संयुक्त टीमों द्वारा कार्रवाई की जा रही थी, इसी दौरान कुछ प्रभावित लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन करते हुए राजमार्ग एवं रेल मार्ग को अवरुद्ध कर दिया गया।
पुलिस एवं प्रशासन द्वारा प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण ढंग से समझाने का प्रयास किया गया, बावजूद इसके आक्रोशित भीड़ द्वारा रेलवे लाइन पर बैठकर प्रदर्शन किया गया, जिससे रेल यातायात प्रभावित हुआ और कुल 06 ट्रेनें विलंबित हो गईं। इसके चलते हजारों यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा तथा इमरजेंसी सेवाओं में भी बाधा उत्पन्न हुई।
स्थिति और अधिक बिगड़ते हुए कुछ उपद्रवियों द्वारा पुलिस, वन विभाग एवं प्रशासन की संयुक्त टीमों पर पथराव किया गया, जिसमें कई कर्मियों को चोटें आईं। इसके साथ ही धरना-प्रदर्शन कर सड़क को भी जाम कर दिया गया।
प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लेते हुए अधिकारियों से जानकारी ली तथा राजमार्ग एवं रेल मार्ग से लोगों को हटवाकर यातायात को सुचारू कराया। इसके अतिरिक्त जनपद देहरादून व आसपास के जनपदों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर ऋषिकेश के श्यामपुर क्षेत्र में फ्लैग मार्च भी किया गया।
पुलिस द्वारा राजमार्ग व रेलमार्ग अवरुद्ध कर आमजन व यात्रियों को असुविधा पहुंचाने, इमरजेंसी सेवाओं में बाधा डालने, सरकारी कार्य में रुकावट उत्पन्न करने, पुलिस-प्रशासन के विरुद्ध जनता को भड़काने तथा पथराव जैसी आपराधिक घटनाओं में संलिप्त लोगों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किए जा रहे हैं।
इस संबंध में सोशल मीडिया पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने को लेकर कुछ लोगों द्वारा भ्रामक व अफवाहपूर्ण खबरें प्रसारित की जा रही हैं। पुलिस स्पष्ट करती है कि किसी भी प्रकार का लाठीचार्ज नहीं किया गया। प्रदर्शनकारी स्वयं रेल मार्ग पर बैठकर यातायात बाधित कर रहे थे, जिन्हें समझाकर हटाने का प्रयास किया गया, इसी दौरान उनके द्वारा आक्रोशित होकर पथराव किया गया।
पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर किए जा रहे दुष्प्रचार की सतत निगरानी की जा रही है। भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों को भी चिन्हित कर उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
