देहरादून। तेज़ी से विस्तार कर रहे देहरादून शहर में उभरती नागरिक एवं पर्यावरणीय चुनौतियों पर संवाद और समाधान की दिशा में पहल करते हुए देहरादून सिटिज़न्स फ़ोरम 21 जनवरी 2026 को प्रातः 11 बजे दून लाइब्रेरी में नागरिक–प्रशासन संवाद कार्यक्रम का आयोजन करने जा रहा है। कार्यक्रम में जिला प्रशासन की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी देहरादून को औपचारिक आमंत्रण भेजा गया है।
फ़ोरम के अनुसार शहर में खुले में कूड़ा जलाने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की कमजोर व्यवस्था, अनियंत्रित पार्किंग, बढ़ता यातायात जाम, सड़क दुर्घटनाएं, जर्जर सड़कें और फुटपाथ, नशे की बढ़ती समस्या, वर्षा जल निकासी की बदहाल स्थिति, वायु एवं ध्वनि प्रदूषण, अवैध निर्माण, हरित क्षेत्रों में लगातार कमी तथा सार्वजनिक परिवहन की सीमित उपलब्धता जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं। ये सभी मुद्दे सीधे तौर पर नागरिकों की सेहत, सुरक्षा और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर रहे हैं।
इन ज्वलंत विषयों पर समन्वित और व्यावहारिक चर्चा के लिए फ़ोरम ने ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी आमंत्रित किया है, ताकि विभिन्न विभागों के बीच तालमेल के साथ समाधान की साझा रणनीति तैयार की जा सके।
देहरादून सिटिज़न्स फ़ोरम का मानना है कि शहर की जटिल समस्याओं का समाधान केवल प्रशासनिक प्रयासों से संभव नहीं है। फ़ोरम स्वयं को नागरिकों और प्रशासन के बीच एक प्रभावी संवाद मंच के रूप में प्रस्तुत करता है, जहां उद्देश्य आरोप-प्रत्यारोप के बजाय समाधान-आधारित विमर्श को बढ़ावा देना है।
फ़ोरम को उम्मीद है कि इस पहल से नीतिगत स्पष्टता, प्रशासनिक संवेदनशीलता और नागरिक सहभागिता को नया बल मिलेगा। कार्यक्रम के संयोजक—अनूप नॉटियाल, रितु चटर्जी, जगमोहन मेंहदीरत्ता, भारती जैन और रमना कुमार—ने मीडिया और शहरवासियों से इस संवाद को गंभीरता से लेने तथा सक्रिय सहयोग देने की अपील की है।
