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उत्तराखंडस्वास्थ्य

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में इंटरवेंशनल पेन फिजीशियन की सेवाएं शुरू

 

देहरादून। उत्तराखण्ड में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने अपनी सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार किया है। अस्पताल में अब सुपरस्पेशलिस्ट कंसलटेंट इंटरवेंशनल पेन फिजीशियन की सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। इससे लंबे समय से असहनीय और जटिल दर्द से जूझ रहे मरीजों को अत्याधुनिक एवं विशेषज्ञ उपचार की सुविधा मिल सकेगी।

अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गौरव रतूड़ी ने बताया कि अस्पताल से जुड़े डॉ. गिरीश कुमार सिंह, एमडी, डीएम (दर्द प्रबंधन) देश के पहले डीएम पेन मैनेजमेंट अति विशिष्ट चिकित्सक हैं। उन्होंने किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस एवं एमडी तथा एम्स ऋषिकेश से डीएम (दर्द चिकित्सा) की उपाधि प्राप्त की है। वे देश के कई प्रतिष्ठित अस्पतालों में सेवाएं दे चुके हैं और दर्द प्रबंधन के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखते हैं।

डॉ. रतूड़ी ने कहा कि तीन माह या उससे अधिक समय तक रहने वाला पुराना दर्द स्वयं एक बीमारी का रूप ले लेता है। यह केवल शारीरिक कष्ट ही नहीं देता, बल्कि मानसिक तनाव, अवसाद और जीवन की गुणवत्ता में गिरावट का कारण भी बनता है। ऐसे मामलों में केवल दर्द निवारक दवाओं पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होता।

अस्पताल में आधुनिक ‘मिप्सी’ (मिनिमली इनवेसिव पेन एंड स्पाइन इंटरवेंशंस) तकनीक के माध्यम से बिना चीरा और बिना बड़े ऑपरेशन के अल्ट्रासाउंड एवं सी-आर्म गाइडेड प्रक्रिया द्वारा दर्द का उपचार किया जा रहा है। यह विधि सुरक्षित, कम जोखिम वाली और शीघ्र राहत प्रदान करने वाली मानी जाती है।

कैंसर से संबंधित असहनीय दर्द, कमर एवं रीढ़ की हड्डी का दर्द, सायटिका, स्लिप डिस्क, गर्दन का दर्द, टेल बोन दर्द, कूल्हे का दर्द, नसों का दर्द, माइग्रेन, लगातार सिरदर्द, मांसपेशियों का दर्द, ऑपरेशन के बाद होने वाला पुराना दर्द, अर्थराइटिस तथा गठिया वात रोग से पीड़ित मरीज यहां विशेषज्ञ परामर्श एवं उपचार प्राप्त कर सकते हैं।

डॉ. गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि यदि दर्द लंबे समय तक बना रहता है और सामान्य दवाओं से राहत नहीं मिलती तो उसे नजरअंदाज न करें। समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लेने से बड़े ऑपरेशन की आवश्यकता को टाला जा सकता है और जीवन की गुणवत्ता में सुधार संभव है। उन्होंने कहा कि यह सुविधा उत्तराखण्ड सहित आसपास के सीमावर्ती राज्यों के मरीजों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।

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