देहरादून, नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में विवाह के मात्र चार माह बाद हुई दहेज हत्या की घटना में दून पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपनी पत्नी की बीमारी का फायदा उठाकर कंबल से मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी थी।
थाना नेहरू कॉलोनी में 04 मार्च 2026 को सलमान आसिफ पुत्र मोहम्मद हनीफ निवासी अपर बाजार, रुद्रप्रयाग ने तहरीर दी कि उनकी बहन कहकशा आलम का विवाह 19 नवंबर 2025 को शहवाज आलम पुत्र मोहम्मद यासीन निवासी रिस्पना नगर, थाना नेहरू कॉलोनी, देहरादून से हुआ था। आरोप है कि शादी के बाद से ही पति और उसके परिजन कम दहेज लाने को लेकर कहकशा को प्रताड़ित कर रहे थे।
शिकायत के अनुसार 03/04 मार्च 2026 की रात ससुराल पक्ष द्वारा कहकशा को महंत इंद्रेश अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि पति और उसके परिवार ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। इस संबंध में थाना नेहरू कॉलोनी में मुकदमा संख्या 77/26, धारा 80(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। चूंकि विवाह को मात्र चार माह हुए थे, इसलिए मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में पंचायतनामा की कार्रवाई की गई तथा पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल द्वारा कराया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 05 मार्च 2026 को आरोपी पति शहवाज आलम को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी ने बताया कि उसका विवाह उसकी मर्जी के विरुद्ध परिवार के दबाव में हुआ था और वह पत्नी के कम पढ़ी-लिखी होने से खुश नहीं था। साथ ही शादी में अपेक्षा से कम दहेज मिलने के कारण उसका और परिवार का व्यवहार भी बदल गया था।
आरोपी ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले उसने पत्नी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी, ताकि बाद में वह किसी पढ़ी-लिखी महिला से विवाह कर सके और अधिक दहेज प्राप्त कर सके। इसी योजना के तहत 03 मार्च 2026 की रात उसने पत्नी के सो जाने पर कंबल से उसका मुंह दबा दिया, जिससे दम घुटने से उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद आरोपी ने परिजनों को जानकारी देकर पत्नी को महंत इंद्रेश अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आरोपी ने परिजनों को बीमारी के कारण हालत गंभीर होने की जानकारी दी थी, ताकि मौत को स्वाभाविक बताया जा सके। हालांकि अस्पताल से पुलिस को सूचना मिलने के बाद मामला उजागर हो गया और आरोपी मौके से फरार हो गया।
शहवाज आलम पुत्र मोहम्मद यासीन, निवासी सी-36 रिस्पना नगर, थाना नेहरू कॉलोनी, देहरादून। मूल निवासी ग्राम दिनौड़ा, थाना सोती की नांगल, जिला बिजनौर (उत्तर प्रदेश)। उम्र 29 वर्ष।
