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हिमालय की सुरंगों के बीच दौड़ेगी रेल, ऋषिकेश परियोजना देखने पहुँचा ओडिशा का मीडिया दल

By: Naveen Joshi

On: Friday, March 13, 2026 7:21 PM

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देहरादून/ऋषिकेश, ओडिशा के मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने  ऋषिकेश में Rail Vikas Nigam Limited (आरवीएनएल) की महत्वाकांक्षी रेल परियोजना स्थल का दौरा किया। यह प्रेस टूर भारत सरकार के Press Information Bureau (पीआईबी), भुवनेश्वर द्वारा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत उत्तराखंड में आयोजित किया गया है।

दौरे के दौरान आरवीएनएल के डीजीएम (सिविल) ओम प्रकाश मालगुरी ने मीडिया प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए उन्हें महत्वाकांक्षी Rishikesh–Karnaprayag Rail Line परियोजना की प्रगति और इसके महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह परियोजना हिमालयी क्षेत्र में शुरू की गई सबसे चुनौतीपूर्ण रेलवे अवसंरचना पहलों में से एक है, जिसका उद्देश्य उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करना है।

अधिकारियों के अनुसार लगभग 125 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन को करीब 37 हजार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित किया जा रहा है। यह रेल लाइन ऋषिकेश से शुरू होकर गढ़वाल के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों से गुजरते हुए कर्णप्रयाग तक पहुंचेगी। परियोजना उत्तराखंड के पांच जिलों — Dehradun, Tehri Garhwal district, Pauri Garhwal district, Rudraprayag district और Chamoli district — से होकर गुजरती है, जिससे पूरे क्षेत्र में कनेक्टिविटी को नया आयाम मिलेगा।

परियोजना की इंजीनियरिंग जटिलताओं पर प्रकाश डालते हुए अधिकारियों ने बताया कि इस रेल मार्ग का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरता है, जिससे यह देश की सबसे अधिक सुरंगों वाली रेलवे परियोजनाओं में शामिल हो गया है। परियोजना के अंतर्गत 100 किलोमीटर से अधिक लंबी 16 प्रमुख सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है, जबकि गहरी घाटियों और पहाड़ी नदियों पर कई बड़े पुल भी बनाए जा रहे हैं।

दौरे के दौरान मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित Shivpuri रेलवे स्टेशन तक बनने वाली सुरंग का भी निरीक्षण किया। पत्रकारों ने सुरंग के अंदर पैदल चलकर खुदाई के विशाल पैमाने और हिमालयी चट्टानों को काटकर बनाई जा रही आधुनिक रेलवे सुरंगों की इंजीनियरिंग को नजदीक से देखा।

आरवीएनएल के अधिकारियों ने बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद पर्वतीय जिलों तक आवागमन काफी आसान हो जाएगा। इससे उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थ स्थलों तक पहुंच सुगम होगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

ओडिशा के नौ वरिष्ठ पत्रकारों का यह प्रतिनिधिमंडल इस दौरे में शामिल है। उनके साथ पीआईबी भुवनेश्वर के सहायक निदेशक महेंद्र जेना तथा सूचना सहायक विकास रंजन दलाई भी मौजूद रहे। वहीं पीआईबी देहरादून के सहायक निदेशक संजीव सुंद्रियाल भी पूरे कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रहे।

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Naveen Joshi

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