चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर में आईपीआर व्याख्यान शृंखला के अंतर्गत 12वां व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) में किया गया, जिसमें विद्यार्थियों और शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।
महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो. अमित कुमार जयसवाल ने बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आईपीआर अकादमिक क्षेत्र में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तथा व्याख्यान को अनुभव आधारित ज्ञानवर्धक सत्र बताया।
आई पी आर प्रकोष्ठ की संयोजक डॉ. विधि ढौडियाल ने व्याख्याताओं का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया ।
श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय, बादशाहीथौल के परीक्षा नियंत्रक डॉ. स्वाती नेगी ने ऑनलाइन माध्यम से “अकादमिक जगत में बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर)”विषय पर व्याख्यान दिया तथा आईपीआर के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। डॉ. एस. एल. बटियाटा द्वारा डॉ. स्वाती नेगी का धन्यवाद किया गया। राजकीय विधि महाविद्यालय गोपेश्वर के सहायक प्राध्यापक डॉ. अमित कुमार मिश्रा ने अपने व्याख्यान में “बौद्धिक संपदा अधिकार: परिचय और महत्व” विषय पर बात की और आईपीआर से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. रीना द्वारा किया गया तथा प्रो. अमित कुमार जयसवाल द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर डॉ. एस. एल. बटियाटा, डॉ. अखिलेश कुकरेती, डॉ. कुलदीप नेगी तथा डॉ. ममता असवाल उपस्थित रहे।
