देहरादून। कृषि, वानिकी एवं मत्स्य विद्यालय, जिज्ञासा विश्वविद्यालय द्वारा अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर “वन और अर्थव्यवस्था” विषय पर एक ऑनलाइन व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ता के रूप में डॉ. रोनक यादव (एआरएस वैज्ञानिक, आईसीएआर–सीएएफआरआई, झांसी) ने “कृषि एवं वानिकी शिक्षा का वर्तमान परिदृश्य: चुनौतियाँ और अवसर” विषय पर अपने विचार विस्तार से प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. शंकर रामामूर्ति ने अपने संबोधन में वनों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वन पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ सतत विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को वानिकी क्षेत्र में नवाचार और शोध के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर डॉ. सुरेश नायक, डॉ. मोहम्मद फैसल, प्रेरणा ध्यानी तथा शगुन लोधी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के उपलक्ष्य में जिज्ञासा विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण अभियान भी चलाया गया, जिसमें विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
