---Advertisement---

“हिमाद्रि का पहला साल ‘हिट’—राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का बना हॉटस्पॉट”

By: Naveen Joshi

On: Tuesday, May 5, 2026 8:53 PM

Google News
Follow Us
---Advertisement---

 

देहरादून। खेलों के मैदान में उत्तराखंड ने एक और “गोल्डन मोमेंट” दर्ज किया, जब हिमाद्रि आइस रिंक की पहली वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खिलाड़ियों के बीच पहुंचकर जोश और जुनून को नई ऊर्जा दी। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम ने किसी बड़े टूर्नामेंट जैसा माहौल पैदा कर दिया, जहां हर खिलाड़ी जीत के जज्बे के साथ नजर आया।

मुख्यमंत्री ने हिमाद्रि आइस रिंक को “देश और प्रदेश की शान” बताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक खेल सुविधा नहीं, बल्कि भारत के विंटर स्पोर्ट्स का “पावर हाउस” बन चुका है। करीब 8.5 करोड़ रुपये की लागत से हुए जीर्णोद्धार के बाद यह रिंक अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार “परफेक्ट एरीना” बन गया है।

खास बात यह रही कि इस हाई-टेक रिंक को 1 मेगावाट सोलर प्लांट से ऊर्जा मिल रही है—यानी खेल के साथ “ग्रीन गेम” का भी शानदार कॉम्बिनेशन।

पिछले एक साल में हिमाद्रि आइस रिंक ने कई बड़े मुकाबलों की सफल मेजबानी कर अपनी क्षमता साबित की है। नेशनल आइस स्केटिंग चैंपियनशिप से लेकर आइस हॉकी लीग और अंतरराष्ट्रीय ट्रेनिंग कैंप तक—यह मैदान लगातार “हॉटस्पॉट ऑफ एक्शन” बना रहा। खासतौर पर “एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी” की मेजबानी ने इसे एशियाई खेल मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाई, जिसमें 11 देशों के 200 से ज्यादा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड आइस हॉकी टीम की जर्सी और “पे एंड प्ले” पोर्टल लॉन्च कर खिलाड़ियों को नई सुविधाओं की सौगात दी।

सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार खेलों को “मेडल मिशन” के रूप में आगे बढ़ा रही है। 38वें राष्ट्रीय खेलों में 103 पदक जीतकर उत्तराखंड पहले ही अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करा चुका है। अब लक्ष्य है—इसे देश का “स्पोर्ट्स लीडर” बनाना।

इसी रणनीति के तहत जल्द ही “स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान” लागू होगा, जिसके तहत 8 शहरों में 23 खेल अकादमियां खोली जाएंगी। यहां हर साल सैकड़ों एथलीटों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा—यानी भविष्य के चैंपियंस यहीं तैयार होंगे।

इसके साथ ही हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना पर भी तेज़ी से काम जारी है। नई खेल नीति के तहत पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी और खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं—जो उन्हें “फिनिश लाइन” तक पहुंचाने में मदद करेंगी।

कार्यक्रम में खेल मंत्री रेखा आर्य सहित कई गणमान्य लोग, अधिकारी और बड़ी संख्या में खिलाड़ी मौजूद रहे। पूरा माहौल एक ही संदेश दे रहा था—

“उत्तराखंड अब सिर्फ देवभूमि नहीं, बल्कि खेलभूमि के रूप में भी नई पहचान बना रहा है।”

For Feedback - feedback@example.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment