देहरादून, नशीली दवाओं और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें ड्रग्स के खिलाफ व्यापक रणनीति तय की गई।
ड्रग्स सप्लाई चेन तोड़ने को एजेंसियां एकजुट
बैठक में स्पष्ट किया गया कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। एएनटीएफ, एसटीएफ, पुलिस, एनसीबी और औषधि विभाग सहित सभी एजेंसियों को ड्रग्स सप्लाई चेन तोड़ने के लिए समन्वित और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
शिक्षण संस्थानों में एंटी-ड्रग्स कमेटियां सक्रिय होंगी
अपर जिलाधिकारी ने सभी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में एंटी-ड्रग्स कमेटियों को सक्रिय करने के निर्देश दिए। साथ ही शिक्षण संस्थानों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से जन-जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
मेडिकल स्टोर और संदिग्ध क्षेत्रों पर कड़ी निगरानी
ड्रग्स के अवैध उपयोग को रोकने के लिए मेडिकल स्टोर्स पर सीसीटीवी अनिवार्य कर दिया गया है। बिना फार्मासिस्ट के दवाओं की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। स्कूलों के आसपास और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
हेल्पलाइन और जागरूकता अभियान पर जोर
प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 1933, एनसीवी मानस पोर्टल और जिला डी-एडिक्शन सेंटर हेल्पलाइन 9625777399 के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर सहायता मिल सके।
युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता
अपर जिलाधिकारी ने युवाओं में बढ़ते केमिकल नशे को गंभीर खतरा बताते हुए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। कॉलेजों में औचक निरीक्षण और संदिग्ध मामलों की रैंडम सैंपलिंग कराने के निर्देश भी दिए गए।
बाल पुनर्वास केंद्र जल्द स्थापित होगा
जनपद में बाल पुनर्वास केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है, जिससे प्रभावित बच्चों को बेहतर उपचार और पुनर्वास मिल सके।
नशामुक्ति केंद्रों की निगरानी और कार्रवाई
जिले में 84 पंजीकृत और 2 अपंजीकृत नशामुक्ति केंद्रों का सत्यापन किया गया, जिसमें 23 केंद्र बंद पाए गए और 15 में अनियमितताओं पर कार्रवाई की गई।
रायवाला केंद्र से 6 मरीज स्वस्थ
रायवाला स्थित 30 बेडेड नशामुक्ति केंद्र से 6 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, जबकि 14 मरीजों का उपचार जारी है।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, सामाजिक संगठन और संबंधित एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए यह अभियान लगातार और व्यापक स्तर पर जारी रहेगा।





