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धामी कैबिनेट का बड़ा निर्णय: पहाड़ों में लागू होगी स्वैच्छिक चकबंदी योजना

By: Naveen Joshi

On: Wednesday, May 13, 2026 7:17 PM

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देहरादून, उत्तराखंड सरकार ने कैबिनेट बैठक में जनहित, प्रशासनिक सुधार, कृषि विकास, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और पर्यटन को बढ़ावा देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडलीय बैठक में कुल 16 अहम निर्णय लिए गए, जिनका सीधा प्रभाव राज्य के ग्रामीण, पर्वतीय और शहरी क्षेत्रों पर पड़ेगा। सरकार ने जहां पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी नीति लागू कर कृषि सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है, वहीं चिकित्सा शिक्षा, अल्पसंख्यक शिक्षा, पंचायत भवन निर्माण, ऊर्जा और पर्यटन क्षेत्र में भी व्यापक बदलावों को मंजूरी दी गई।

पर्वतीय क्षेत्रों में लागू होगी स्वैच्छिक चकबंदी नीति

कैबिनेट का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय पर्वतीय क्षेत्रों के लिए “स्वैच्छिक/आंशिक चकबंदी प्रोत्साहन नीति-2026” को मंजूरी देना रहा। लंबे समय से पर्वतीय क्षेत्रों में बिखरी कृषि भूमि किसानों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई थी। नई नीति के तहत किसानों की अलग-अलग स्थानों पर फैली भूमि को एक बड़े चक अथवा खेत में समायोजित किया जाएगा, जिससे खेती करना अधिक आसान और लाभकारी हो सकेगा।

सरकार ने प्रत्येक पर्वतीय जिले में 10 गांवों को लक्ष्य के रूप में चिन्हित करने का निर्णय लिया है। किसी गांव में चकबंदी प्रक्रिया शुरू करने के लिए वहां के 75 प्रतिशत ग्रामीणों की सहमति आवश्यक होगी। इसके बाद चकबंदी समिति गठित की जाएगी। पूरी प्रक्रिया डिजिटल नक्शों और आधुनिक तकनीक के माध्यम से संचालित होगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। साथ ही चकबंदी के बाद आने वाली आपत्तियों के निस्तारण के लिए 120 दिनों की समय सीमा भी तय की गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति से खेती योग्य भूमि का बेहतर उपयोग होगा, सिंचाई और कृषि संसाधनों की लागत कम होगी तथा किसानों के बीच भूमि विवादों में भी कमी आएगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि उत्पादन और किसानों की आय दोनों में वृद्धि होगी।

राजस्व परिषद में अब टाइपिंग स्पीड होगी अनिवार्य

राजस्व विभाग के अंतर्गत समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी सेवा नियमावली-2026 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। अब इन पदों के लिए केवल कंप्यूटर ज्ञान पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 8 हजार की-डिप्रेशन प्रति घंटा की टाइपिंग गति अनिवार्य की गई है। इसके साथ माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, विंडोज और इंटरनेट का बेसिक ज्ञान भी आवश्यक होगा। सरकार का मानना है कि इससे विभागीय कार्यों में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ेगी।

सेलाकुई के सगंध पौधा केंद्र को मिला नया नाम

सेलाकुई स्थित सगंध पौधा केंद्र (कैप) का नाम बदलकर “परफ्यूमरी एंड एरोमैटिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट” किए जाने को मंजूरी दी गई। सरकार का उद्देश्य संस्थान को राष्ट्रीय स्तर की पहचान देना और सगंध पौधों पर अनुसंधान एवं उद्योग को बढ़ावा देना है।

न्याय विभाग में नए पद सृजित

माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में न्याय विभाग के अंतर्गत रजिस्ट्रार न्यायालय एवं केस प्रबंधक के पद सृजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इससे न्यायालयों में लंबित मामलों के बेहतर प्रबंधन और न्यायिक कार्यों की गति बढ़ाने में मदद मिलेगी।

मेडिकल कॉलेजों में भर्ती प्रक्रिया होगी सरल

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों और विशेषज्ञों की कमी को दूर करने के लिए भर्ती प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। अब तक संविदा पर संकाय सदस्यों की नियुक्ति के लिए विभागीय मंत्री और मुख्यमंत्री की स्वीकृति आवश्यक थी, लेकिन संशोधित व्यवस्था में चयन का अधिकार सचिव स्तर को दे दिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे रिक्त पदों को शीघ्र भरा जा सकेगा और मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधरेगी।

चिकित्सा शिक्षा निदेशालय का होगा विस्तार

कैबिनेट ने चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी। पहले निदेशालय में 29 पद थे, जिन्हें बढ़ाकर अब 40 कर दिया गया है। नए पदों में वित्त नियंत्रक, कनिष्ठ अभियंता, प्रशासनिक अधिकारी, लेखाकार, वरिष्ठ सहायक, कनिष्ठ सहायक, मल्टी परपज वर्कर और वाहन चालक के पद शामिल हैं। इससे विभागीय कार्यों के संचालन में तेजी आने की उम्मीद है।

श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के 277 कर्मचारियों को समान वेतन

श्रीनगर स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में संविदा, दैनिक वेतन एवं प्रबंधन समिति के माध्यम से कार्यरत 277 कर्मचारियों को “समान कार्य के लिए समान वेतन” देने का निर्णय लिया गया। लंबे समय से कर्मचारी इस मांग को उठा रहे थे। सरकार के इस निर्णय से कर्मचारियों में संतोष का माहौल है।

स्वास्थ्य विभाग में 345 पदों का पुनर्गठन

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत लैब टेक्नीशियन संवर्ग को आईपीएचएस मानकों के अनुरूप पुनर्गठित किया गया है। इसके तहत मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट के 266, टेक्निकल ऑफिसर के 54 और चीफ टेक्निकल ऑफिसर के 25 पदों सहित कुल 345 पदों को मंजूरी दी गई है। इससे सरकारी अस्पतालों में जांच सेवाएं मजबूत होने की उम्मीद है।

लोहाघाट महिला स्पोर्ट्स कॉलेज को मिली मजबूती

लोहाघाट स्थित महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के सुचारू संचालन के लिए प्रधानाचार्य सहित 16 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। इससे खेल प्रशिक्षण और प्रशासनिक व्यवस्था बेहतर हो सकेगी।

लघु जलविद्युत परियोजनाओं को राहत

लघु जलविद्युत परियोजना विकास नीति-2015 में संशोधन करते हुए परफॉर्मेंस सिक्योरिटी को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही वन एवं पर्यावरण स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना शुरू करने की समय सीमा तय की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे निवेशकों को राहत मिलेगी और ऊर्जा परियोजनाओं को गति मिलेगी।

ऊर्जा निगमों में निदेशक नियुक्ति नियम आसान

ऊर्जा विभाग के अंतर्गत तीनों निगमों में निदेशक नियुक्ति से संबंधित नियमावली में संशोधन करते हुए “निदेशक मंडल में नियुक्त” शब्द हटाने को मंजूरी दी गई। इससे अब अधिक वरिष्ठ अधिकारी निदेशक पद के लिए पात्र हो सकेंगे।

अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों के लिए नई नियमावली

कैबिनेट ने उत्तराखंड अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता नियम-2026 को मंजूरी दी। इसके तहत मुस्लिम, जैन, ईसाई, बौद्ध, पारसी और सिख समुदाय के शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता, नवीनीकरण और समाप्ति की प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी। इससे पारदर्शिता और प्रशासनिक सुविधा बढ़ेगी।

पंचायत भवन निर्माण के लिए राशि दोगुनी

पंचायतीराज विभाग के तहत पंचायत भवन निर्माण के लिए प्रति पंचायत घर स्वीकृत राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है। सरकार का कहना है कि निर्माण लागत बढ़ने के कारण यह निर्णय लिया गया है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पंचायत भवन बनाए जा सकें।

विधि विज्ञान प्रयोगशाला में नए पद

गृह विभाग के अंतर्गत विधि विज्ञान प्रयोगशाला विभाग में 15 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इनमें 5 वैज्ञानिक अधिकारी, 5 ज्येष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी और 5 प्रयोगशाला सहायक शामिल हैं। इससे अपराध जांच और फॉरेंसिक जांच प्रणाली को मजबूती मिलेगी।

होमस्टे नीति में बड़ा बदलाव

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड पर्यटन यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली में संशोधन किया गया है। अब होमस्टे में कमरों की संख्या 5 से बढ़ाकर 8 कर दी गई है। साथ ही नवीनीकरण प्रक्रिया को सरल बनाते हुए ऑनलाइन शुल्क जमा होने पर ऑटोमैटिक रिन्यूअल की व्यवस्था लागू की गई है। इससे पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

विधानसभा विशेष सत्र का सत्रावसान

कैबिनेट ने उत्तराखंड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के विशेष सत्र का तत्काल प्रभाव से सत्रावसान किए जाने को भी मंजूरी प्रदान की।

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