चारधाम यात्रा मार्ग पर यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच तनाव के लिए प्रशासन व प्रदेश सरकार को ठहराया जिम्मेदार
देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने चारधाम एवं हेमकुंड यात्रा मार्ग पर अव्यवस्थाओं तथा यात्रियों और स्थानीय नागरिकों के बीच बढ़ रहे टकराव को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के बयान पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने महेंद्र भट्ट के बयान को “हास्यास्पद, बेतुका और वास्तविकता से परे” करार दिया।
शुक्रवार को अपने कैंप कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए धस्माना ने कहा कि यात्रा मार्ग पर उत्पन्न अव्यवस्थाओं और यात्रियों व स्थानीय नागरिकों के बीच तनाव के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराना भाजपा की विफलताओं को छिपाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता भली-भांति जानती है कि यात्रा व्यवस्थाओं, सुरक्षा, भोजन, आवास, यातायात और दर्शन की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होती है, न कि विपक्ष की।
धस्माना ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार दूसरी बार सत्ता में है, ऐसे में चारधाम यात्रा के संचालन और व्यवस्थाओं की पूरी जवाबदेही उसी की बनती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार यात्रियों की सुविधाएं सुनिश्चित करने और स्थानीय नागरिकों के साथ समन्वय बनाए रखने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि ऋषिकेश, कर्णप्रयाग और नगरासू जैसी घटनाओं ने प्रदेश की छवि को धूमिल किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हुड़दंग करने वाले यात्रियों और पर्यटकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का साहस सरकार और पुलिस प्रशासन नहीं दिखा पा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।
धस्माना ने कहा कि अपनी नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा कांग्रेस पर बेबुनियाद आरोप लगा रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “यह अच्छा हुआ कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने यात्रा अव्यवस्थाओं के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू को जिम्मेदार नहीं ठहरा दिया।”
उन्होंने मांग की कि सरकार यात्रा मार्ग पर बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करे, यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए तथा अव्यवस्थाओं की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए सुधारात्मक कार्रवाई करे।









