600 से अधिक एनसीसी कैडेट्स और फ़ैकल्टी सदस्यों ने योग के माध्यम से दिया फ़िटनेस, अनुशासन और एकता का संदेश
देहरादून, आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में तनाव, स्क्रीन टाइम और तेज़ रफ़्तार जीवनशैली युवाओं के सामने नई चुनौतियाँ खड़ी कर रहे हैं। ऐसे समय में योग केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य और स्व अनुशासन को संतुलित करने का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है। यही वजह है कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस आज दुनियाभर में स्वस्थ जीवनशैली और समग्र विकास का संदेश देने वाला एक वैश्विक अभियान बन गया है।
इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए सरदार भगवान सिंह (एसबीएस) विश्वविद्यालय, बालावाला, देहरादून में एक भारत श्रेष्ठ भारत (ईबीएसबी) शिविर के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस उत्साह, अनुशासन और सामूहिक सहभागिता के साथ मनाया गया। 11 यूके बटालियन एनसीसी, देहरादून के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 600NCC कैडेट्स, NCC अधिकारी, फैकल्टी सदस्य, प्रशासनिक कर्मचारी और अन्य प्रतिभागियों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल योग करवाना नहीं था, बल्कि युवाओं के बीच शारीरिक फ़िटनेस, मानसिक स्वास्थ्य, आत्म-अनुशासन और स्वस्थ जीवन शैली के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी था। साथ ही यह आयोजन भारत सरकार की एक भारत श्रेष्ठ भारत पहल की भावना के अनुरूप राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समन्वय और युवाओं में साझा जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करता है।
योग सत्र का संचालन प्रसिद्ध योग विशेषज्ञ श्री सुशील भट्ट एवं उनकी टीमरुद्रांश योगशाला द्वारा किया गया। Session के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम, स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज और ध्यान का अभ्यास किया। प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि एकाग्रता, भावनात्मक संतुलन और तनाव प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सैकड़ों NCC कैडेटों का एक साथ अनुशासन और समर्पण के साथ योगाभ्यास करना पूरे परिसर का सबसे प्रेरणादायक दृश्य रहा। एक लय में किए गए आसनों ने न केवल सामूहिक अनुशासन का परिचय दिया, बल्कि यह भी दर्शाया कि जब युवा स्वास्थ्य, आत्म-अनुशासन और सकारात्मक सोच को अपनाते हैं, तो उसका प्रभाव व्यक्तिगत विकास से आगे बढ़कर समाज तक पहुँचता है।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि योग आज भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन ज्ञान परंपरा का वैश्विक प्रतीक बन चुका है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समाज के हर वर्ग तक इसके लाभ पहुँचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जबकिएक भारत श्रेष्ठ भारत जैसी पहलें युवाओं के बीच आपसी सम्मान, सांस्कृतिक समझ और राष्ट्रीय एकता की भावना को और अधिक सशक्त बनाती हैं।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने योग सत्र आयोजित किया।के सफल संचालन के लिए श्री सुशील भट्ट एवं रुद्रांश योगशाला की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। साथ ही 11 यूके बटालियन एनसीसी, देहरादूनके अधिकारियों और Staff के सहयोग की सराहना करते हुए सभी NCC कैडेट्स, फैकल्टी सदस्य और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी की प्रशंसा की।
कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। यह आयोजन केवल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का उत्सव नहीं था, बल्कि इस बात का भी उदाहरण था कि एसबीएस यूनिवर्सिटी, देहरादून छात्रों के समग्र विकास में शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ फ़िटनेस, लीडरशिप, अनुशासन और मूल्य-आधारित शिक्षा को भी समान महत्व देती है।









