सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए व्यवहारिक मार्गदर्शिका बनेगी पुस्तक, सेवा नियमों की मिलेगी समग्र जानकारी
देहरादून,। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में पूर्व अपर सचिव श्री आर.सी. लोहनी द्वारा लिखित पुस्तक ‘सेवा विधि’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुस्तक को सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि यह सेवा नियमों, संवैधानिक प्रावधानों, शासनादेशों और न्यायालयों के महत्वपूर्ण निर्णयों को सरल एवं व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत करने वाली व्यवहारिक मार्गदर्शिका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी सेवा में कार्यरत प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का दायित्व है कि वह सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और समर्पण के साथ राज्य के विकास में योगदान दे। इसके लिए सेवा नियमों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की सही जानकारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य गठन के बाद पहली बार ऐसी पुस्तक उपलब्ध हुई है, जिसमें सेवा संबंधी महत्वपूर्ण नियमों और न्यायिक निर्णयों का समग्र संकलन किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम है। जब कोई अधिकारी नागरिकों की समस्याओं का समाधान करता है या पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाता है, तब वह वास्तविक अर्थों में राष्ट्रसेवा करता है। इसलिए ईमानदारी के साथ-साथ नियमों और कानूनों की गहरी समझ भी आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के नए मानक स्थापित कर रहा है। शासन व्यवस्था में तकनीक के उपयोग, प्रक्रियाओं के सरलीकरण और त्वरित निर्णय प्रणाली से प्रशासन अधिक प्रभावी बना है। उन्होंने कहा कि सरकार का मूल मंत्र “सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि” है और प्रशासन का उद्देश्य जनता के जीवन को सरल बनाना होना चाहिए।
पुस्तक के लेखक एवं पूर्व अपर सचिव आर.सी. लोहनी ने बताया कि पुस्तक में नियुक्ति, आरक्षण, परिवीक्षा, पदोन्नति, स्थानांतरण, अनुशासनात्मक कार्यवाही, निलंबन, सेवा निवृत्ति, अवकाश, राजभाषा अधिनियम सहित सरकारी सेवा से जुड़े विभिन्न नियमों, अधिनियमों, शासनादेशों तथा उच्चतम एवं उच्च न्यायालयों के महत्वपूर्ण निर्णयों का सार सरल भाषा में संकलित किया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए उपयोगी संदर्भ ग्रंथ सिद्ध होगी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल सहित अनेक पूर्व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, सेवानिवृत्त अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।









