देहरादून। हरितालिका तीज गोर्खाली-नेपाली एवं भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति, प्रेम, आस्था, समर्पण और अखंड वैवाहिक सुख-समृद्धि का पावन प्रतीक मानी जाती है। भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित इस पवित्र पर्व पर महिलाओं ने विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक व्रत रखकर अपने पति की दीर्घायु तथा परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
रायपुर स्थित वैष्णव विहार तथा पुरोहितवाला-बाणगंगा क्षेत्र में गोर्खाली समाज की महिलाओं ने सामूहिक रूप से हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ हरितालिका तीज का पर्व मनाया। इस अवसर पर महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सजकर भगवान शिव एवं माता पार्वती की पूजा-अर्चना की और तीज व्रत की धार्मिक परंपराओं का श्रद्धापूर्वक निर्वहन किया। पूजा-अर्चना के दौरान शिव-पार्वती के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
महिलाओं ने माता पार्वती के त्याग, तपस्या और अटूट प्रेम का स्मरण करते हुए परिवार में प्रेम, सौहार्द और सुख-समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की। धार्मिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसी आस्था के साथ सुहागिन महिलाएं हरितालिका तीज का व्रत रखकर अखंड सौभाग्य और दांपत्य जीवन में सुख-शांति की मंगलकामना करती हैं।
गोर्खाली समाज की महिलाओं ने कहा कि हरितालिका तीज केवल धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और नारी शक्ति का प्रतीक भी है। यह पर्व महिलाओं को माता पार्वती के धैर्य, तपस्या, प्रेम और समर्पण से प्रेरणा लेने का संदेश देता है।
इस अवसर पर विभिन्न महिला संगठनों एवं समाज की महिलाओं ने सहभागिता कर पर्व की शोभा बढ़ाई। सत्या छेत्री के निवास स्थान वैष्णव विहार रायपुर में पूजा सुब्बा चंद, संतोष थापा, अलका छेत्री, विनीता छेत्री, काजल थापा , शालिनी गुरुंग , किरन गुरुंग, सोनिका थापा
बाणगंगा, पुरोहितवाला ओंकारेश्वर महादेव मंदिर में ग्राम प्रधान तनुजा घले,पिंकी, माला, संगीता गुरुंग, अनुराधा चालीसे,प्रीति, अनिता थापा आदि सभी ने भगवान शिव और माता पार्वती से प्रार्थना की कि उनकी असीम कृपा से प्रत्येक परिवार में सुख, शांति, प्रेम, सौभाग्य, आरोग्य और समृद्धि बनी रहे तथा समाज में आपसी भाईचारा और सद्भावना कायम रहे।













