देहरादून। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ दलित नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी रैली के बाद कथित तौर पर भाजपा से जुड़े लोगों द्वारा रैली स्थल को गंगाजल से धोए जाने के मामले ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। कांग्रेस ने इस कृत्य को सामाजिक समरसता और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए भाजपा की मानसिकता पर तीखा हमला बोला है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि या राजनीतिक नेता की मौजूदगी के बाद किसी स्थान को ‘अशुद्ध’ मानकर उसे गंगाजल से धोना केवल मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमान नहीं, बल्कि देश के करोड़ों दलितों और सामाजिक न्याय, समानता तथा लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखने वाले नागरिकों का अपमान है।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी कौन-सी मानसिकता है, जिसके तहत किसी दलित नेता की मौजूदगी से कोई स्थान अशुद्ध माना जाता है। भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास’ और सामाजिक समरसता की बात करती है, लेकिन इस तरह की घटनाएं उसके दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
कांग्रेस ने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार, सम्मान और गरिमा की गारंटी देता है। इसके बावजूद यदि जाति के आधार पर किसी व्यक्ति या उसके स्पर्श को लेकर भेदभाव की मानसिकता दिखाई जाती है तो यह संविधान की मूल भावना के विपरीत है।
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा नेता बीएल संतोष के दलितों और ब्राह्मणों के बीच विभाजन की आशंका पैदा करने वाले कथित बयानों को भी इसी राजनीतिक सोच की कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि देश की जनता जाति और सामाजिक विभाजन की राजनीति से अब ऊब चुकी है। दलित, ब्राह्मण, पिछड़ा और सवर्ण—सभी भारत के नागरिक हैं और संविधान की नजर में समान हैं।
कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक मंचों को गंगाजल से धोने के बजाय जातिगत भेदभाव की मानसिकता का शुद्धिकरण करने की आवश्यकता है। देश किसी जातिवादी सोच से नहीं, बल्कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान और उसके समानता, न्याय व बंधुत्व के सिद्धांतों से चलेगा।
कांग्रेस ने कहा कि सामाजिक सम्मान, समानता और भाईचारे की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगी। जनता जाति और नफरत के नाम पर समाज को बांटने वाली राजनीति का जवाब अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के माध्यम से देगी।













