देहरादून। यूके से आए विशेषज्ञों ने ग्राफिक एरा मैं फैशन को एआई और डिजिटल तकनीक से जोड़ने के तरीकों पर प्रकाश डाला। मैनचेस्टर मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने छात्रों को डिजिटल तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल और डिजाइन के बदलते स्वरूप से भी परिचित कराया।
ग्राफिक एरा डीम्ड और ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में यह तकनीके सिखाई गई।हेड ऑफ इंटरनेशनल, आर्ट्स एंड ह्यूमैनिटीज डिपार्टमेंट प्रो. केट रयाबचिकोवा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीकें फैशन की दुनिया को तेजी से बदल रही हैं। इन तकनीकों से डिजाइन में नए प्रयोग, रचनात्मकता और कल्पनाओं को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने के अवसर मिल रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने मैनचेस्टर फैशन इंस्टीट्यूट में उच्च शिक्षा के अवसरों की जानकारी भी दी।
डॉ. डैनी कुकनी ने कहा कि डिजिटल डिजाइन में तकनीक के साथ लोगों की जरूरतों, भावनाओं और व्यवहार को समझना जरूरी है। उन्होंने छात्रों को कहानी, अनुभव और उपयोगकर्ता की जरूरतों को केंद्र में रखकर प्रभावी डिजाइन तैयार करने के लिए प्रेरित किया।
सत्र में डॉ. रशेल वायडर नोल्स और प्रो. सिमोन रिडयार्ड ने भी अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग, आर्किटेक्चर, स्केचिंग और शहरी दृष्टिकोण पर चर्चा की।
इस सत्र का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के आफिस ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स और यूके की मैनचेस्टर मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी की कुलपति डॉ तबस्सुम नकवी, कुलसचिव डॉ ज्योति छाबड़ा, डीन ऑफ एकेडमिक्स डॉ प्रमोद नायर, ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ डिजाइनिंग के हेड डॉ सौरभ कुमार, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष, शिक्षक शिक्षिकाएं, फैशन डिजाइनिंग और स्कूल ऑफ डिजाइनिंग के छात्र छात्राएं शामिल हुए।













