देहरादून, । कांवड़ मेला-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को ऋषिकेश में कांवड़ यात्रा मार्ग और प्रमुख व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि मेले से संबंधित सभी तैयारियां हर हाल में 25 जुलाई तक पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग समयबद्ध ढंग से अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आईडीपीएल मैदान का जायजा लेकर कांवड़ियों के ठहरने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षित पार्किंग, पेयजल, शौचालय, कंट्रोल रूम तथा पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश पुलिस अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था का सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
यात्रा मार्ग का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग और लोक निर्माण विभाग को सड़क मरम्मत, गड्ढों की भराई, पुलों की रेलिंग दुरुस्त करने तथा पूरे मार्ग पर स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग को गंगा घाटों पर सुरक्षा चेन लगाने और स्वच्छता बनाए रखने, जबकि नगर निगम ऋषिकेश को नियमित सफाई, प्रकाश व्यवस्था, डेंगू नियंत्रण के लिए फॉगिंग एवं दवा छिड़काव के निर्देश दिए गए। आईडीपीएल मैदान को इस प्रकार तैयार करने को कहा गया कि वर्षा की स्थिति में भी वाहन आसानी से संचालित हो सकें।
स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त चिकित्सा दल, प्राथमिक उपचार केंद्र और मेडिकल कैंप स्थापित करने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि गत वर्ष की यात्रा में सामने आई कमियों का विश्लेषण कर इस बार व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों से भी सुझाव लिए और आश्वस्त किया कि मेले से पहले तथा समापन के बाद पूरे यात्रा मार्ग और आईडीपीएल मैदान में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।
जिलाधिकारी ने अवैध दुकानों एवं फर्जी नाम से संचालित ढाबों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। खाद्य सुरक्षा विभाग और जिला पूर्ति अधिकारी को होटल-ढाबों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच, मूल्य सूची प्रदर्शित कराने तथा ओवररेटिंग करने वालों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने नेपाली फार्म क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने बताया कि कांवड़ मेला 30 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक आयोजित होगा। 31 जुलाई से 4 अगस्त के बीच सर्वाधिक भीड़ रहने की संभावना है, जबकि 8 से 11 अगस्त तक डाक कांवड़ का संचालन होगा। 11 अगस्त को शिवालयों में जलाभिषेक के साथ यात्रा का समापन होगा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरे कांवड़ मार्ग को चार जोन और 13 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। निरीक्षण के दौरान प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, परिवहन, विद्युत एवं अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।









