देहरादून,विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में एक विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को हेपेटाइटिस रोग के प्रति जागरूक करना तथा इसके रोकथाम और समय पर इलाज के महत्व को रेखांकित करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के वरिष्ठ सलाहकार एवं गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. सचिन देव मुंजाल ने बताया कि हेपेटाइटिस एक गंभीर लेकिन समय पर पहचान और उचित इलाज से पूर्ण रूप से नियंत्रित होने वाला रोग है। उन्होंने छात्रों को इसके प्रमुख कारणों, शुरुआती लक्षणों और जांच की प्रक्रिया के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। साथ ही उन्होंने स्वच्छता, टीकाकरण और संतुलित जीवनशैली को हेपेटाइटिस से बचाव के तीन प्रमुख स्तंभ बताया।
डॉ. मुंजाल ने छात्रों से अपील की कि वे न केवल स्वयं जागरूक बनें, बल्कि अपने आसपास के समाज को भी इस रोग की गंभीरता के प्रति सचेत करें। उन्होंने कहा, “यदि युवा जागरूक हों तो समाज को इस बीमारी से सुरक्षित करना संभव है।”
कार्यशाला के दौरान पैरामेडिकल विभाग के छात्र-छात्राओं ने प्रभावशाली भाषणों, नुक्कड़ नाटकों और प्रस्तुतियों के माध्यम से हेपेटाइटिस से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। नाटक प्रतियोगिता में “इंजेक्शन लगाओ, हेपेटाइटिस भगाओ” (कोमल कांति, पूजा बोरा, सन्नी राज) को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ, जबकि “द लास्ट शॉट” (अनामिका, मुस्कान, सलोनी, सुप्रिया) द्वितीय और कशिश, हर्ष, हीर, कनक की टीम तृतीय स्थान पर रही।
इस जागरूकता कार्यशाला का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के पैरामेडिकल डिपार्टमेंट द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन अदिति पटेल ने किया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डा. रिंकू यादव, डा. तानिया गोयल, डा. अनन्या बरनवाल सहित अनेक शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
