देहरादून, ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में गुरुवार को मानव व्यवहार के मात्रात्मक विश्लेषण पर केंद्रित एक विशेष शैक्षणिक सत्र का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्रों को मनोविज्ञान से जुड़े व्यवहार विश्लेषण, शोध पद्धतियों और भावनात्मक प्रतिक्रियाओं को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नरपिंदर सिंह ने कहा कि विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ हो रहे संयुक्त शोध नवाचार का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग से शोध का दायरा विस्तृत होता है और छात्रों को वैश्विक स्तर पर नए अवसर प्राप्त होते हैं।
यह सत्र ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंस डिपार्टमेंट द्वारा आयोजित किया गया। सत्र में विभागाध्यक्ष डॉ. प्रभा लामा, पंजाब यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर डॉ. सीमा विनायक, इग्नू के प्रोफेसर डॉ. सुहास शेतगोवेकर, डॉ. रेणुका जोशी, डॉ. यशपाल सिंह, अमीषा बिष्ट, स्नेहा पांडे सहित अनेक शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान मनोविज्ञान के समकालीन शोध और उसके व्यावहारिक उपयोगों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
