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श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: मेलाधिकारी सोनिका

 

हरिद्वार। आगामी कुम्भ मेला-2027 को दिव्य और भव्य स्वरूप देने के उद्देश्य से मेला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मेलाधिकारी सोनिका ने कहा कि कुम्भ मेला में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगमता सुनिश्चित करने के साथ ही सम्पूर्ण कुम्भ क्षेत्र को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अखाड़ों एवं धर्मगुरुओं की सम्मति तथा राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप विस्तृत कार्ययोजना बनाकर समयबद्ध ढंग से कार्य किए जा रहे हैं।

प्रेस क्लब  हरिद्वार द्वारा आयोजित ‘संवाद’ कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए मेलाधिकारी ने मीडिया को कुम्भ मेला की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी और पत्रकारों के सुझाव भी सुने। उन्होंने कहा कि मीडिया एवं विभिन्न संगठनों से प्राप्त फीडबैक मेले के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन में सहायक सिद्ध होगा।

मेलाधिकारी ने बताया कि प्रथम चरण में मेला क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कुम्भ मेला व्यवस्थाओं के लिए ₹1224 करोड़ का परिव्यय प्रस्तावित है। शासन द्वारा अब तक ₹219 करोड़ की लागत के 35 स्थायी कार्यों की स्वीकृति संबंधी शासनादेश जारी किए जा चुके हैं। इनमें से लगभग दो दर्जन योजनाओं पर कार्य प्रारंभ हो चुका है, जबकि शेष कार्य शीघ्र आरंभ किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र में सड़कों, पुलों और घाटों के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण से संबंधित अनेक परियोजनाएं प्रगति पर हैं। मेला कार्यालय में अधिकारियों एवं कार्मिकों की तैनाती कर दी गई है तथा लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग के विभिन्न डिवीजनों को विशेष दायित्व सौंपे गए हैं।

कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी तंत्र स्थापित किया जा रहा है। सभी कार्यस्थलों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से रियल-टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही गुणवत्ता नियंत्रण के लिए आईआईटी रुड़की सहित तीन संस्थाओं से थर्ड पार्टी निरीक्षण कराया जाएगा, जिसकी रिपोर्ट प्रत्येक तीन माह में शासन को प्रेषित की जाएगी।

मेलाधिकारी ने बताया कि कुम्भ मेला में डिजिटल अनुप्रयोगों के व्यापक उपयोग पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके तहत इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की स्थापना की जा रही है, जिससे सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं की समन्वित निगरानी संभव हो सकेगी।

श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए कुम्भ क्षेत्र को पैदल यात्रियों के अनुकूल विकसित किया जा रहा है। प्रमुख स्नान पर्वों पर बुजुर्ग श्रद्धालुओं एवं स्थानीय निवासियों के लिए विशेष प्रबंध किए जाएंगे। हरिद्वार के प्रवेश मार्गों पर समुचित पार्किंग व्यवस्था विकसित की जाएगी, जहां से आंतरिक क्षेत्रों के लिए शटल सेवा संचालित होगी।

मेला क्षेत्र के संकरे मार्गों एवं प्रमुख चौराहों के चौड़ीकरण और सुधार के कार्य भी जारी हैं। चंडी चौक से नजीबाबाद की ओर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के संकरे हिस्से के चौड़ीकरण के लिए एनएचएआई से अनुरोध किया गया है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कुम्भ मेला के दौरान आने वाले श्रद्धालु यहां से बेहतर अनुभव लेकर लौटें, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

 

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