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बेसहारा पशुओं पर नकेल: नैनीताल में प्रशासन की कड़ी कार्रवाई, मालिकों पर भारी जुर्माना…

 

लालकुआं।* उत्तराखंड के नैनीताल जिले में बेसहारा पशुओं की बढ़ती समस्या पर अब प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी नैनीताल, वंदना सिंह के निर्देश पर, पशुपालन विभाग ने ऐसे गैर-जिम्मेदार पशु मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है जो अपने पालतू जानवरों को सड़कों पर छोड़ देते हैं। यह पहल सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी द्वारा जिलाधिकारी को इस गंभीर समस्या से अवगत कराने के बाद हुई है।

*दौलिया ग्राम सभा में ग्रामीणों की सजगता, विभाग की त्वरित कार्रवाई*

हाल ही में, पशुपालन विभाग की टीम ने देर रात दौलिया ग्राम सभा में एक ऐसे ही प्रयास को विफल कर दिया, जब कुछ लोग अपने पालतू नर गौवंश को सड़क पर छोड़ने की कोशिश कर रहे थे।

ग्रामीणों की सतर्कता ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया और पुलिस चौकी ले गए। इस घटना के बाद, पशुपालन विभाग ने चिन्हित पशु मालिकों के घरों पर पहुंचकर करीब 4000 रुपये के चालान काटे और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति होने पर और भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में चालानी कार्रवाई की राशि बढ़ाई जाएगी और दंड सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत भी एक्शन लिया जाएगा।

*पीयूष जोशी की मांगें: मुआवजे और कड़ी निगरानी की वकालत*

सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए बेसहारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए और भी कड़े कदम उठाने की वकालत की है। उन्होंने जिलाधिकारी से अपील की है कि उन सभी लोगों को चिन्हित किया जाए जो जानबूझकर अपने पालतू पशुओं को सड़कों पर छोड़ देते हैं और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

जोशी ने एक महत्वपूर्ण मांग यह भी रखी है कि बेसहारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं को दुर्घटना घोषित कर पीड़ितों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। उनके सुझाव के अनुसार, ऐसी दुर्घटनाओं में मृत्यु होने पर 15 से 20 लाख रुपये, गंभीर चोटों पर 5 से 10 लाख रुपये और सामान्य चोटों पर 2 से 5 लाख रुपये का मुआवजा निर्धारित किया जा सकता है।

*यह सिर्फ शुरुआत है: भविष्य में और भी कठोर कदम*

जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई सिर्फ एक शुरुआत है, अंतिम नहीं। पशुपालन विभाग की यह त्वरित कार्रवाई निश्चित रूप से उन लोगों में भय पैदा करेगी जो अपने पशुओं को सड़कों पर लावारिस छोड़ देते हैं। विभाग की टीम ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी किसी भी पुनरावृत्ति पर अत्यधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि पशु मालिकों को अपने जानवरों की उचित देखभाल करने और उन्हें सड़कों पर न छोड़ने के लिए प्रेरित किया जा सके। इस कदम से नैनीताल जिले में बेसहारा पशुओं की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण मिलने की उम्मीद है।

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