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एक साल में साइबर ठगों ने उड़ाए 167 करोड़ रुपये

By: Naveen Joshi

On: Wednesday, July 23, 2025 1:31 AM

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2600 से अधिक शिकायतें दर्ज, जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव

देहरादून, उत्तराखंड में साइबर ठगों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते एक वर्ष में राज्यभर से 167 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज की गईं हैं। सबसे अधिक ठगी के शिकार वरिष्ठ नागरिक बन रहे हैं। इस अवधि में साइबर क्राइम से जुड़ी करीब 2600 शिकायतें पुलिस विभाग को प्राप्त हुई हैं।

मंगलवार को प्रेस क्लब देहरादून में बजाज फाइनेंस द्वारा डिजिटल फ्रॉड की रोकथाम हेतु एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में साइबर क्राइम विभाग, देहरादून के डिप्टी एसपी श्री अंकुश मिश्रा ने साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता जताई और इससे बचाव के उपाय साझा किए।

डिप्टी एसपी अंकुश मिश्रा ने कहा:

“सोशल मीडिया, बैंकिंग सेवाएं, फेक कॉल्स, ओटीपी, फर्जी एसएमएस, डिजिटल एरेस्ट और व्हाट्सएप लिंक के जरिए ठगी के मामलों में तेजी आई है। ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है।”

उन्होंने बताया कि ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930, 112 या 100 पर संपर्क करना चाहिए। साथ ही आधार बायोमेट्रिक्स की सुरक्षा और निजी जानकारी साझा न करने की सलाह दी। मिश्रा के अनुसार, ठग फेक आईडी का उपयोग कर सिम और बैंक खाते खुलवाते हैं, जिससे रकम की रिकवरी कठिन हो जाती है। हालांकि विभाग ने अब तक ठगी गई राशि में से 25–30% तक की रिकवरी कर ली है।

इस मौके पर पूर्व डीएसपी श्री बृजभूषण जुयाल ने कहा कि,

“ठगों की सबसे बड़ी ताकत लोगों की कम जानकारी और लालच होता है। हमें खुद भी जागरूक रहना है और दूसरों को भी सतर्क करना है।”

बजाज फाइनेंस के प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी द्वारा “नॉकआउट डिजिटल फ्रॉड” नाम से एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को साइबर धोखाधड़ी से बचाना है।

प्रवक्ता ने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे कभी भी:

  • अपना ओटीपी या पिन साझा न करें
  • किसी संदिग्ध ईमेल, एसएमएस, लिंक या क्यूआर कोड पर क्लिक न करें
  • अज्ञात स्रोतों से एप्लिकेशन डाउनलोड न करें

सावधानी और सतर्कता ही है साइबर सुरक्षा की कुंजी।

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