Advertisement

एमडीडीए बोर्ड बैठक में विकास परियोजनाओं को मंजूरी

By: Naveen Joshi

On: Wednesday, August 5, 2026 6:44 PM

Google News
Follow Us

 

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की 114वीं बोर्ड बैठक में राजधानी देहरादून और मसूरी क्षेत्र के सुनियोजित एवं संतुलित शहरी विकास की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। गढ़वाल आयुक्त एवं प्राधिकरण अध्यक्ष की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित बैठक में कुल 25 विकास प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया और सभी प्रस्तावों को नियमानुसार स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें लैण्ड पूलिंग योजना, पर्यटन अवसंरचना, होटल, औद्योगिक भवन, रिटेल आउटलेट, प्रोफेशनल ऑफिस, आश्रम, हॉस्टल तथा रेस्टोरेंट निर्माण से जुड़े प्रस्ताव प्रमुख रहे।

बोर्ड का मानना है कि इन निर्णयों से न केवल देहरादून और मसूरी के नियोजित विकास को गति मिलेगी, बल्कि पर्यटन, निवेश, रोजगार और आधुनिक शहरी सुविधाओं के विस्तार का मार्ग भी प्रशस्त होगा। तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए विकास कार्यों को सुव्यवस्थित, पारदर्शी और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक की शुरुआत एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी द्वारा गढ़वाल आयुक्त एवं बोर्ड सदस्यों के स्वागत के साथ हुई। इसके बाद 113वीं बोर्ड बैठक की अनुपालन आख्या प्रस्तुत की गई, जिस पर सदस्यों ने संतोष व्यक्त करते हुए उसे अनुमोदित किया। इसके उपरांत 114वीं बोर्ड बैठक के एजेंडे में शामिल विभिन्न प्रस्तावों पर क्रमवार चर्चा की गई और तकनीकी, प्रशासनिक तथा नियामकीय पहलुओं की समीक्षा के बाद आवश्यक निर्णय लिए गए।

लैण्ड पूलिंग योजना को मिलेगा नया विस्तार

बैठक में विकासनगर क्षेत्र के कल्याणपुर, परगना पछवादून में एमडीडीए द्वारा लैण्ड पूलिंग योजना के तहत अर्जित भूमि के प्रथम चरण के लिए तैयार तलपट का भू-उपयोग निःशुल्क परिवर्तित किए जाने के प्रस्ताव पर विचार किया गया। बोर्ड ने इस प्रस्ताव को नियमानुसार आगे बढ़ाने की अनुमति प्रदान की। अधिकारियों का मानना है कि इस निर्णय से भविष्य की आवासीय योजनाओं को गति मिलेगी तथा योजनाबद्ध तरीके से नए आवासीय क्षेत्रों का विकास संभव हो सकेगा। इससे आधारभूत सुविधाओं से युक्त आधुनिक कॉलोनियों के विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा।

पर्यटन और निवेश को मिलेगा प्रोत्साहन

बैठक में पर्यटन क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने से जुड़े कई प्रस्तावों पर भी सहमति बनी। होटल, पर्यटन इकाइयों, रेस्टोरेंट, रिटेल आउटलेट, औद्योगिक भवन, प्रोफेशनल ऑफिस, आश्रम एवं हॉस्टल निर्माण से संबंधित प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि सभी परियोजनाओं को नियमानुसार स्वीकृति मिलने के बाद ही आगे बढ़ाया जाएगा तथा निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किए जाएंगे।

बोर्ड का मानना है कि इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से प्रदेश में निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा, पर्यटन गतिविधियां मजबूत होंगी और स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि होने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

संतुलित और नियोजित विकास पर विशेष फोकस

बैठक के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया गया कि देहरादून और मसूरी जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में अनियोजित निर्माण की बजाय वैज्ञानिक और नियोजित विकास को प्राथमिकता दी जाए। इसी उद्देश्य से प्रत्येक प्रस्ताव की तकनीकी एवं नियामकीय समीक्षा के बाद ही स्वीकृति प्रदान की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी विकास कार्य निर्धारित मानकों, गुणवत्ता और पर्यावरणीय नियमों का पालन करते हुए समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं।

पारदर्शिता और गुणवत्ता होगी प्राथमिकता

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय क्षेत्र के संतुलित एवं नियोजित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे। उन्होंने कहा कि लैण्ड पूलिंग योजना सहित विभिन्न विकास परियोजनाओं को गति मिलने से निवेश, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा। प्राधिकरण विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि आमजन को आधुनिक एवं सुव्यवस्थित शहरी सुविधाओं का लाभ मिल सके।

स्वीकृत प्रस्तावों पर होगी समयबद्ध कार्रवाई

एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि बोर्ड से स्वीकृत सभी प्रस्तावों पर नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक परियोजना की तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पारदर्शी ढंग से पूरा करते हुए विकास कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य केवल निर्माण कार्यों को स्वीकृति देना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और दीर्घकालिक शहरी विकास सुनिश्चित करना है।

बैठक में गढ़वाल आयुक्त एवं अध्यक्ष आनन्द स्वरूप, उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, संयुक्त सचिव वित्त के प्रतिनिधि विजय कुमार, अपर जिलाधिकारी (एफआर) कृष्ण कुमार मिश्र, उप नगर आयुक्त तनवीर सिंह, मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक एस.एम. श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम सौरभ शर्मा, सचिव मोहन सिंह बर्निया, संयुक्त सचिव गौरव चटवाल, वित्त नियंत्रक संजीव कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता शांति सिंह रावत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अंत में अध्यक्ष ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए बैठक समाप्ति की घोषणा की।

For Feedback - feedback@example.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment