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औद्योगिक हादसे में अलग हुआ पैर, डॉक्टरों ने बचाई युवक की जिंदगी

By: Naveen Joshi

On: Monday, June 22, 2026 1:03 PM

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औद्योगिक हादसे में कटा युवक का पैर डॉक्टरों ने दोबारा जोड़ा, 8 घंटे चली जटिल सर्जरी

देहरादून,  मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने एक जटिल सर्जरी के जरिए औद्योगिक हादसे में शरीर से पूरी तरह अलग हो चुके 23 वर्षीय युवक के दाहिने पैर को सफलतापूर्वक दोबारा जोड़कर उसकी जान और पैर दोनों बचा लिए। करीब आठ घंटे तक चली इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी को अस्पताल की विशेषज्ञ टीम ने अंजाम दिया।
जानकारी के अनुसार उत्तराखंड निवासी युवक एक औद्योगिक इकाई में कार्यरत था। दुर्घटना के दौरान वह एक्सकेवेटर (खुदाई मशीन) की कन्वेयर बेल्ट की चपेट में आ गया, जिससे उसका दाहिना पैर और पंजा शरीर से पूरी तरह अलग हो गया। प्रारंभिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून रेफर किया गया।
अस्पताल पहुंचने तक युवक काफी रक्तस्राव झेल चुका था और उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई थी। कटे हुए पैर को बर्फ से भरे कंटेनर में सुरक्षित रखकर अस्पताल लाया गया था। अस्पताल की इमरजेंसी टीम ने तत्काल मरीज को स्थिर किया, जिसके बाद प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी विभाग तथा ऑर्थोपेडिक्स एवं जॉइंट रिप्लेसमेंट विभाग के विशेषज्ञों ने संयुक्त रूप से सर्जरी शुरू की।
सर्जरी के दौरान टूटी हुई हड्डियों को जोड़ा गया, क्षतिग्रस्त रक्त वाहिकाओं और नसों की मरम्मत की गई तथा टेंडन और अन्य ऊतकों को सावधानीपूर्वक पुनर्स्थापित किया गया। लगभग आठ घंटे तक चली इस प्रक्रिया के बाद पैर को सफलतापूर्वक शरीर से दोबारा जोड़ दिया गया।
ऑपरेशन के बाद मरीज को आईसीयू में निगरानी में रखा गया। उपचार के दौरान स्किन ग्राफ्टिंग समेत अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं भी की गईं, ताकि रक्त प्रवाह सामान्य बना रहे और घाव तेजी से भर सकें। 14 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद मरीज को स्थिर हालत में छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों के अनुसार उसका पैर और पंजा सुरक्षित हैं तथा आगे भी नियमित जांच और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त रिकंस्ट्रक्टिव प्रक्रियाएं की जाएंगी।
प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी विभाग के कंसल्टेंट डॉ. चिरैल भाटिया ने बताया कि यह मामला अत्यंत चुनौतीपूर्ण था, जिसमें माइक्रोसर्जरी की उन्नत तकनीकों और समय पर विशेषज्ञ उपचार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि कटे हुए अंग को दोबारा जोड़ना केवल ऑपरेशन तक सीमित नहीं होता, बल्कि उसके बाद भी लगातार निगरानी और चरणबद्ध उपचार की आवश्यकता होती है।
उन्होंने कहा कि मरीज को सामान्य रूप से चलने-फिरने में कुछ समय लगेगा, लेकिन उसका अपना पैर बचा लेना शारीरिक और मानसिक दोनों दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह सफलता आधुनिक प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी की प्रगति और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की क्षमता को दर्शाती है।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इस जटिल मामले के सफल उपचार ने एक बार फिर साबित किया है कि गंभीर दुर्घटनाओं और ट्रॉमा मामलों में बहु-विषयक विशेषज्ञ टीम की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में ऑर्थोपेडिक्स, रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी और क्रिटिकल केयर जैसी उन्नत सुविधाओं के समन्वय से मरीजों को समग्र उपचार उपलब्ध कराया जाता है।

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