देव डोलियां ज्योतिर्मठ से रवाना, 6:15 बजे से शुरू होंगे श्रद्धालुओं के दर्शन
चमोली (प्रदीप लखेड़ा):
श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल की प्रातः 6 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। कपाट उद्घाटन को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं और क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।
21 अप्रैल को श्री नृसिंह मंदिर, ज्योतिर्मठ से पूजा-अर्चना के पश्चात आदि गुरु शंकराचार्य की पवित्र डोली एवं श्री गरुड़जी की उत्सव मूर्ति वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रावल अमरनाथ नंबूदरी और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती की उपस्थिति में बदरीनाथ धाम के लिए प्रस्थान हुई। देव डोलियां पहले पड़ाव योग बदरी पांडुकेश्वर पहुंच चुकी हैं।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने देव डोलियों के प्रस्थान पर शुभकामनाएं देते हुए बताया कि यात्रा को लेकर सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने बताया कि ज्योतिर्मठ के विभिन्न स्कूलों के छात्रों ने समारोहपूर्वक देव डोलियों को विदाई दी और करीब दो किलोमीटर तक पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया।
इससे पूर्व ज्योतिर्मठ में तिमुंडिया वीर पूजन और गरुड़ छाड़ मेले का आयोजन कर बदरीनाथ यात्रा के सफल संचालन के लिए आशीर्वाद मांगा गया।
बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ के अनुसार, 22 अप्रैल को योग बदरी पांडुकेश्वर से श्री उद्धव जी, श्री कुबेर जी और आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी बदरीनाथ धाम पहुंचेगी, जबकि श्री गरुड़ जी 21 अप्रैल को ही धाम के लिए रवाना हो चुके हैं।
इसी क्रम में डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के पदाधिकारी तेल कलश (गाडू घड़ा) के साथ ज्योतिर्मठ पहुंचे, जो 22 अप्रैल को बदरीनाथ धाम पहुंचेगा।
कार्यक्रम में बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, रावल अमरनाथ नंबूदरी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, नायब रावल सूर्यराग नंबूदरी, धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट, आचार्य वाणी विलास डिमरी सहित मंदिर समिति के अधिकारी-कर्मचारी, महिला मंगल दल और हक-हकूकधारी मौजूद रहे।





