देहरादून। लोक भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में “फ्लेवर ऑफ देवभूमि” पुस्तक का विमोचन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि यह पुस्तक मात्र व्यंजनों का संकलन नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की आत्मा, उसकी पारंपरिक रसोई, समृद्ध संस्कृति और जीवन-दर्शन का जीवंत दस्तावेज़ है।
पुस्तक में मंडुआ, झंगोरा, जखिया जैसे पारंपरिक अनाजों और मसालों का विस्तृत उल्लेख किया गया है, जो स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं औषधीय गुणों का भी अनमोल भंडार हैं। वक्ताओं ने इसे उत्तराखण्ड की प्राचीन रसोई परंपराओं को संरक्षित करने की दिशा में एक सराहनीय और समयोचित प्रयास बताया।
इस अवसर पर विशेष रूप से पहाड़ की मातृ-शक्ति की भूमिका को रेखांकित किया गया। कहा गया कि उत्तराखण्ड की महिलाएँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी इन पाक परंपराओं को सहेजती और जीवित रखती आई हैं। आज जब विश्व जैविक एवं प्राकृतिक उत्पादों की ओर अग्रसर है, ऐसे में उत्तराखण्ड इस क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने की पूरी क्षमता रखता है।
समारोह के अंत में पुस्तक से जुड़े सभी रचनाकारों एवं टीम के सदस्यों को इस प्रेरक प्रयास के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी गईं।
