*गौचर केंद्रीय विद्यालय को 26 साल बाद अपना भवन मिलने की जगी उम्मीद*
चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा गौचर केंद्रीय विद्यालय के लिए जमीन की स्वीकृति देने से इस विद्यालय को अपना भवन नसीब होने की उम्मीद जग गई है।
देश की सीमाओं में तैनात भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के जवानों के बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से भार सरकार के गृह मंत्रालय ने जिला चमोली के गौचर में 1999 में केंद्रीय विद्यालय खोलने की अनुमति दी थी। शुरूआती दौर में इस विद्यालय को भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल की 8 वीं वाहिनी के परिसर में संचालित किया गया था।
वर्ष 2004 में प्रयाप्त भवन के अभाव में वाहिनीं ने भी विद्यालय को संचालित करने में असमर्थता जताने से इस विद्यालय पर बदी की तलवार लटक गई थी। इसकी भनक लगते ही जनता ने आंदोलन शुरू कर दिया था इसी का नतीजा रहा कि गृह मंत्रालय ने गौचर में एस एस बी द्वारा खाली किए गए भवनों पर विद्यालय को संचालित करने का आदेश पारित किया। लेकिन आवासीय भवनों पर यह विद्यालय पिछले 26 सालों से विषय परिस्थितियों में संचालित होता आ रहा है।
विद्यालय के बगल पर खाली जमीन को विद्यालय को दिलाने का लगातार आग्रह किया जाता रहा लेकिन किसी के भी इस ओर ध्यान न दिए जाने से इस विद्यालय को आजतक अपना भवन नसीब नहीं हो पाया है।
अब भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा 13 फरवरी 25 के आदेश में गौचर केंद्रीय विद्यालय के लिए 0728 हेक्टेयर जमीन शर्तों के आधार पर स्वीकृत किए जाने से इस विद्यालय को अपना भवन नसीब होने की आस जग गई है।
पालिका अध्यक्ष संदीप नेगी ने गृह मंत्रालय भारत सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मैंने इस विद्यालय को जमीन दिलाने के लिए सांसद, विधायकों से कई बार अनुरोध किया लेकिन किसी ने भी इस विद्यालय में अध्यनरत छात्र छात्राओं की पीढ़ा को समझने की कोशिश नहीं की। उनका कहना था उन्होंने इस जमीन को विद्यालय के नाम करने के स्वयं प्रयास किया जिसका नतीजा आज साकार रूप में सामने आ गया है।
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