देश में पहली बार जनगणना और जातिगत जनगणना एक साथ होगी सम्पन्न
नई दिल्ली: भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत जनगणना एवं जातिगत जनगणना से संबंधित आधिकारिक गैजेट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके साथ ही भारत में लंबे समय से लंबित जनगणना प्रक्रिया का औपचारिक शुभारंभ हो गया है।
जनगणना 2025 की यह प्रक्रिया लगभग 21 महीनों तक चलेगी और 1 मार्च 2027 तक पूर्ण रूप से संपन्न हो जाएगी। इसका प्रारंभिक डेटा मार्च 2027 में जारी किया जाएगा, जबकि विस्तृत आंकड़े दिसंबर 2027 तक सार्वजनिक किए जाने की संभावना है। इन आंकड़ों के आधार पर वर्ष 2028 में लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन भी शुरू किया जा सकता है।
इस बार की जनगणना विशेष रूप से ऐतिहासिक होने जा रही है, क्योंकि देश में पहली बार जातिगत जनगणना को भी समानांतर रूप से शामिल किया गया है। इसके माध्यम से सामाजिक और आर्थिक स्तर पर विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी, जो आगामी योजनाओं और नीतियों के निर्धारण में सहायक सिद्ध होगी।
जनगणना प्रक्रिया के प्रमुख चरण:
जनगणना एजेंसियों का सक्रिय होना
फील्ड स्टाफ की नियुक्ति और प्रशिक्षण
डेटा फॉर्मेट व मोबाइल एप आधारित डिजिटलीकरण
फील्ड वर्क की योजना बनाना और उसका क्रियान्वयन
नागरिकों से ली जाने वाली प्रमुख जानकारियाँ:व्यक्तिगत विवरण (नाम, आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति आदि),पारिवारिक संरचना,शिक्षा एवं रोजगार स्थिति,आवासीय स्थिति व सुविधाएं,जाति/धर्म से संबंधित जानकारी
यह सुनिश्चित किया गया है कि नागरिकों से प्राप्त सभी जानकारी गोपनीयता और सुरक्षा के साथ रखी जाएगी और केवल नीतिगत एवं सांख्यिकी उद्देश्यों के लिए उपयोग में लाई जाएगी।
