नई दिल्ली: रियल एस्टेट क्षेत्र पर केंद्रित कैटेगरी-II अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF), गोल्डन ग्रोथ फंड (GGF) ने अपने पहले फंड को सफलतापूर्वक बंद करने (फाइनल क्लोज) की घोषणा की है। दक्षिण दिल्ली के लग्जरी रियल एस्टेट मार्केट में निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी के चलते फंड का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 101 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
सितंबर 2024 में लॉन्च किए गए इस फंड ने मार्च 2026 तक 160.9 की नेट एसेट वैल्यू (NAV) दर्ज की है, जो इसकी शुरुआत के बाद से 61% की बढ़ोतरी को दर्शाती है। इस अवधि के दौरान फंड ने 47% का वार्षिक इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न (IRR) दिया है।
GGF ने रणनीतिक रूप से दक्षिण दिल्ली के तीन हाई-ग्रोथ इलाकों—आनंद निकेतन, नीति बाग और गुलमोहर पार्क में निवेश किया है। यह निवेश देश के सबसे पॉश इलाकों में से एक की रियल एस्टेट संभावनाओं को भुनाने के फंड के मुख्य उद्देश्य के अनुरूप है।
आनंद निकेतन परियोजना लगभग 80% पूरी हो चुकी है और वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही (Q3) में इसकी डिलीवरी होने की उम्मीद है। वहीं, नीति बाग परियोजना 20% पूरी हो चुकी है और इसकी डिलीवरी वित्त वर्ष 2027-28 की तीसरी तिमाही में संभावित है। गुलमोहर पार्क स्थित तीसरी परियोजना को हाल ही में अधिग्रहित किया गया है और वहां निर्माण कार्य जारी है। 150 से अधिक परियोजनाओं को पूरा कर चुकी शेयर बाजार में लिस्टेड रियल एस्टेट डेवलपर ‘ग्रोवी इंडिया लिमिटेड’ (Grovy India Ltd) इन तीनों परियोजनाओं के लिए डेवलपमेंट पार्टनर है।
गोल्डन ग्रोथ फंड के सीईओ अंकुर जालान ने कहा, “हमारे पहले फंड का फाइनल क्लोज होना गोल्डन ग्रोथ फंड के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह संस्थागत रियल एस्टेट निवेश में निवेशकों के बढ़ते भरोसे और इस क्षेत्र में बेहतरीन अवसरों की पहचान करने की हमारी क्षमता को दर्शाता है। हम बेहतर जोखिम-समायोजित रिटर्न (risk-adjusted returns) उत्पन्न करने के लिए समझदारी से पूंजी लगाने पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेंगे। दक्षिण दिल्ली के रियल एस्टेट बाजार में मजबूत मांग को देखते हुए, इस क्षेत्र के अगले विकास चक्र के लिए पर्याप्त फंडिंग सुनिश्चित करने में एआईएफ (AIF) की भूमिका बेहद अहम होगी।”
फंड की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण दिल्ली का प्रदर्शन लगातार शानदार बना हुआ है, जहां 2026 की पहली तिमाही में लग्जरी फ्लोर्स की कीमतों में सालाना आधार पर (YoY) 32% तक की वृद्धि देखी गई है। रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि 2026 की पहली तिमाही में कीमतों की बढ़त के मामले में कैटेगरी ‘बी’ (Category B) की कॉलोनियों ने कैटेगरी ‘ए’ (Category A) की कॉलोनियों को पीछे छोड़ दिया। कैटेगरी ‘बी’ में कीमतों में 23-32% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि कैटेगरी ‘ए’ में यह वृद्धि 14-22% रही।
हालांकि, मूल्य (वैल्यू) के लिहाज से कैटेगरी ‘ए’ में फ्लोर्स की कीमत 19.5 करोड़ रुपये से 40 करोड़ रुपये के बीच है, जबकि कैटेगरी ‘बी’ की कॉलोनियों में यह 10.65 करोड़ रुपये से 16.5 करोड़ रुपये के बीच है।
जालान ने आगे कहा, “जीजीएफ (GGF) एकमात्र ऐसा फंड है जो विशेष रूप से दक्षिण दिल्ली के रियल एस्टेट बाजार पर केंद्रित है, और यह हमें दक्षिण व लुटियंस दिल्ली के इस विशाल परिदृश्य में ‘फर्स्ट-मूवर’ (पहले कदम उठाने वाले) का फायदा देता है।”
बता दें कि दिल्ली नगर निगम (MCD) सर्किल रेट, प्रॉपर्टी टैक्स और स्टांप ड्यूटी निर्धारित करने के लिए आवासीय कॉलोनियों को ‘ए’ से ‘एच’ तक आठ श्रेणियों में वर्गीकृत करता है। प्रमुख कैटेगरी-ए और बी की कॉलोनियों में आनंद निकेतन, वसंत विहार, शांति निकेतन, पंचशील पार्क, महारानी बाग, ग्रीन पार्क, गुलमोहर पार्क, नीति बाग, गोल्फ लिंक्स और जोर बाग आदि शामिल हैं।
गोल्डन ग्रोथ फंड एक सेबी (SEBI) द्वारा विनियमित कैटेगरी-II एआईएफ है, जो दक्षिण और लुटियंस दिल्ली में आवासीय रियल एस्टेट निवेश पर केंद्रित है। यह फंड रियल एस्टेट संपत्तियों का एक विविधीकृत पोर्टफोलियो बनाने के लिए निवेशकों से पूंजी जुटाता है। निवेश के लिए इसकी घोषित समय-सीमा लगभग 1.5 वर्ष है, जिसका उद्देश्य पूंजी मूल्य में वृद्धि (capital appreciation) और आय उत्पन्न करना दोनों है।









