देहरादून, गढ़ी कैंट स्थित महेंद्र ग्राउंड में चल रहे गोरखा दशै–दीपावली महोत्सव एवं राजकीय मेला–2025 की सांस्कृतिक संध्या रंग, संगीत और परंपरा के उल्लास से सराबोर रही। गोरखाली संस्कृति की झलक दिखाती विविध प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच बेटी–रोटी के अटूट संबंध हमारी साझा संस्कृति की पहचान हैं और ऐसे आयोजन इस बंधन को और सशक्त बनाते हैं। संध्या की शुरुआत बाल कलाकारों की मनमोहक गुरु वंदना कत्थक नृत्य से हुई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। इसके बाद सिंधुली महिला कलाकारों ने पारंपरिक ढोल–दमाऊं और थाली की थाप पर आराधना नृत्य प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया।गोरखा पुरुष कलाकारों द्वारा प्रस्तुत खुखरायन डांस ने सेना के शौर्य और जोश को मंच पर जीवंत किया, जबकि वीर गोरखा कल्याण समिति की टीम ने कौड़ा डांस पेश कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। अनुष्का, निशा और उनकी टीम की शानदार प्रस्तुति को खूब सराहना मिली। लाइव नेपाली बैंड सोनाली राय ने ‘माया बैनी’ जैसे लोकप्रिय गीतों से शाम को संगीतमय बना दिया। सागरिका देवां और उनके समूह ने पारंपरिक तमांग सेलो गीत “संगजियु की प्रस्तुति नाचो नाचो लगाउ…” से माहौल में उत्सव की लहर भर दी। महोत्सव परिसर में लगे पारंपरिक व्यंजनों, हस्तशिल्प, झूलों और मनोरंजन के स्टॉल्स ने कार्यक्रम को और आकर्षक बनाया। वीर गोरखा कल्याण समिति के अध्यक्ष कमल थापा ने कहा कि “यह मेला भारत और नेपाल के बीच के बेटी–रोटी के संबंधों को जीवंत करता है। यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को बचाने का एक प्रयास है।” उन्होंने प्रदेशवासियों से रविवार को होने वाले समापन समारोह में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। इस अवसर पर पर्वतारोही कैप्टन प्रवीन थापा और ओलम्पस स्कूल के चेयरमैन एवं फिल्म निदेशक कुणाल शमशेर मल्ला को गोरखा अचीवर अवार्ड से सम्मानित किया गया। महोत्सव में समिति अध्यक्ष कमल थापा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष उर्मिला तमांग, उपाध्यक्ष सूर्य बिक्रम शाही, महासचिव विशाल थापा, कोषाध्यक्ष/मीडिया प्रभारी टेकु थापा, सचिव देविन शाही, सह सचिव आशु थापा, सांस्कृतिक सचिव देव कला दिवान, सह सांस्कृतिक सचिव करमिता थापा, संगठन मंत्री लोकेश बन, सोनु गुरुंग, पूरन बहादुर थापा, यामु राना, सोना शाही, ज्योति राना, बबिता गुरुंग, एन.बी. थापा, बुद्धेश राई और मीन गुरुंग उपस्थित रहे।
