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उत्तराखंड

जन-जन के द्वार पहुँची सरकारः सुदूरवर्ती गांव लाखामंडल में प्रशासन ने सुनीं जन समस्याएं

 

 

देहरादून , प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार, प्रशासन गांव की ओर’ अभियान के तहत मंगलवार को लाखामंडल (विकासखंड चकराता) में संयुक्त मजिस्ट्रेट डॉ. हर्षिता सिंह की अध्यक्षता में जनसेवा शिविर का आयोजन किया गया।

 

शिविर में उत्तराखण्ड सरकार की जनजाति सलाहकार परिषद के दायित्वधारी मंत्री गीताराम गौड़ भी उपस्थित रहे। शिविर के दौरान ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया गया तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं के माध्यम से 1844 से अधिक लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया।

 

संयुक्त मजिस्ट्रेट डॉ. हर्षिता सिंह ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार इस अभियान के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ शिविरों के जरिए सीधे आमजन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। साथ ही, शिविरों में आवश्यक प्रमाण पत्र भी मौके पर ही निर्गत किए जा रहे हैं, जिससे नागरिकों को तहसील एवं जिला मुख्यालय के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ते।

 

न्याय पंचायत काण्डोई-बोन्दूर के अंतर्गत ग्राम लाखामंडल में आयोजित शिविर में कुल 37 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से अधिकांश शिकायतों का निस्तारण स्थल पर ही कर दिया गया, जबकि शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को अग्रसारित करते हुए समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए गए। संयुक्त मजिस्ट्रेट ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनका त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

 

शिविर में जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों द्वारा सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्राम्य विकास, सिंचाई एवं राजस्व विभाग से संबंधित समस्याएं प्रमुख रूप से उठाई गईं। प्राप्त शिकायतों में ग्राम्य विकास विभाग से संबंधित 06 शिकायतें सर्वाधिक रहीं। स्वास्थ्य विभाग की 05 शिकायतें प्राप्त हुईं। पीएमजीएसवाई, राजस्व एवं सिंचाई विभाग से संबंधित 03-03 शिकायतें दर्ज की गईं। शिक्षा, पशुपालन, कृषि एवं उद्यान विभाग से संबंधित 02-02 तथा अन्य विभागों से 01-01 शिकायत प्राप्त हुई।

 

बहुउद्देशीय शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एलोपैथिक में 705, होम्योपैथिक में 121 तथा आयुर्वेदिक में 94 लोगों की जांच कर निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। कृषि विभाग ने 112 एवं उद्यान विभाग ने 07 किसानों को कृषि यंत्र, बीज एवं पीएम किसान निधि का लाभ प्रदान किया। डेयरी विभाग ने 42 तथा पशुपालन विभाग द्वारा 342 पशुपालकों को पशुओं की निःशुल्क दवा वितरित की गई। समाज कल्याण विभाग द्वारा पेंशन संबंधित 45 प्रकरणों का निस्तारण करते 18 लोगों की पेंशन स्वीकृत की गई। पंचायती राज विभाग द्वारा 87 किसान पेंशन, परिवार रजिस्टर की नकल जारी की गई। पूर्ति विभाग द्वारा 48 राशन कार्ड यूनिट वृद्धि एवं 05 ईकेवाईसी कराई गई। बाल विकास द्वारा 34 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट, किशोरी किट एवं स्टेशनरी बाउल वितरित की गई। विद्युत विभाग द्वारा 36, सेवायोजन 125, श्रम विभाग 07 लोगों को लाभान्वित किया गया।

 

इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार में जनजाति सलाहकार परिषद में दायित्वधारी मंत्री गीताराम गौड, संयुक्त मजिस्ट्रेट डा.हर्षिता सिंह, तहसीलदार प्रदीप नेगी, खण्ड विकास अधिकारी राकेश बिष्ट अन्य विभागीय अधिकारी, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान सहित बडी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

 

 

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