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पंजाब नैशनल बैंक द्वारा विश्व हिन्दी दिवस के अवसर पर राजभाषा पुरस्कार वितरण समारोह तथा कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन।

By: Naveen Joshi

On: Friday, January 16, 2026 12:04 AM

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देहरादून–   सार्वजनिक क्षेत्र में भारत के अग्रणी बैंकों में से एक पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) द्वारा अपने प्रधान कार्यालय मेँ विश्व हिन्दी दिवस के अवसर पर राजभाषा पुरस्कार वितरण समारोह तथा कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन माननीय प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी  अशोक चंद्र  की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम में बैंक के कार्यपालक निदेशक  बी. पी. महापात्र, अमित कुमार श्रीवास्तव और मुख्य सतर्कता अधिकारी,  राघवेंद्र कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

 

 

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य महाप्रबंधक,  सुमेश कुमार द्वारा बैंक के वरिष्ठ प्रबंधन और प्रख्यात कवियों  चिराग जैन और अरूण जैमिनी तथा श्धर्मवीर, उपनिदेशक, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के स्वागत के साथ किया गया| इस अवसर पर माननीय प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री अशोक चंद्र और बैंक के शीर्ष कार्यपालकों के कर-कमलों से बैंक के राजभाषा विभाग द्वारा राजभाषा कार्यान्वयन से संबन्धित “वार्षिक कैलेंडर, बैंक की तिमाही पत्रिका पीएनबी प्रतिभा-कॉर्पोरेट गवर्नेंस तथा सुरक्षा विशेषांक और  मनोज कुमार श्रीवास्तव, महाप्रबंधक द्वारा लिखी गई पुस्तक “केंचुली” का विमोचन भी किया गया।

 

 

माननीय प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी महोदय ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि “हिंदी देश की राजभाषा है और इसके प्रचार-प्रसार एवं कार्यान्वयन हेतु पंजाब नैशनल बैंक दृढ़ संकल्पित है। जब हम विकसीत भारत-2047 की संकल्पना कर रहे हैं उसमे भाषा का महत्व बहुत अधिक हैं |अगर हमें देश के

 

 

 

कोने-कोने तक पहुचना हैं , बैंक के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को यदि हम बैंकिंग सेवाएं देना चाहते हैं तो उसका एकमात्र माध्यम हिन्दी और केवल हिन्दी है | हम हिन्दी के साथ-साथ क्षेत्रीय भाषाओं का सम्मान करते हुए हिन्दी का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं |   विश्व के जितने भी विकसित राष्ट्र हैं सबकी अपनी राष्ट्रीय भाषा है और हमारे देश में हिन्दी ही इतनी सशक्त भाषा है जिसके अंदर देश को एकसूत्र में पिरोने की क्षमता है | पंजाब नैशनल बैंक अपने डिजिटल उत्पादों में हिंदी व 13 क्षेत्रीय भाषाओं के प्रयोग से अपना कारोबार बढ़ा रहा है और राजभाषा कार्यान्वयन हेतु सदैव प्रतिबद्ध है।यह स्वतन्त्रता सेनानी स्व. लाला लाजपत रॉय  द्वारा स्थापित किया हुआ प्रथम स्वदेशी बैंक है | अतः देश की भाषा को जन-जन की भाषा बनाने की नैतिक ज़िम्मेदारी हमारे ऊपर सबसे अधिक हैं |

 

 

कवि सम्मेलन हेतु आए दोनों प्रख्यात कवियों ने अपनी हास्य और व्यंगात्मक कविताओं से इस कार्यक्रम और भी यादगार बनाया | इस अवसर पर हिंदी में मुख्य रूप से अधिक कार्य करने वाले उच्च अधिकारियों और स्टाफ सदस्यों को प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी महोदय एवं कार्यपालक निदेशकों द्वारा शील्ड व प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया |

 

 

कार्यक्रम का समापन  मनीषा शर्मा, विभागीय प्रमुख द्वारा पंजाब नैशनल बैंक मेँ किए जा रहे राजभाषा कार्यान्वयन से संबन्धित कार्यों की एक प्रस्तुति और  आशीष शर्मा, मुख्य प्रबन्धक के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

 

 

 

 

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