---Advertisement---

ग्राफिक एरा अस्पताल ने रचा इतिहास, बिना सर्जरी बदला वृद्धा के दिल का वाल्व

By: Naveen Joshi

On: Friday, January 23, 2026 7:09 AM

Google News
Follow Us
---Advertisement---

ओपन हार्ट सर्जरी के 11 वर्ष बाद बिगड़ा था वाल्व

 

देहरादून,  ग्राफिक एरा अस्पताल के विशेषज्ञों ने एक दुर्लभ मामले में 76 वर्षीय महिला के हार्ट का वाल्ब बिना चीरा लगाये बदलने में सफलता हासिल की है। यह उत्तराखंड और आसपास के राज्यों में अपनी तरह का पहला मामला है जिसमें इस तरह वाल्ब बदलकर किसी ह्रदय रोगी की जान बचायी गई है। यह चिकित्सा क्षेत्र में ग्राफिक एरा का एक बड़ा कीर्तिमान है।

 

लैम्पून प्रोसीजन से हार्ट का वाल्ब बदलने के यह मामला देहरादून निवासी 76 वर्षीय महिला का है। इस बुजुर्ग महिला को हार्ट फेल्योर होने पर ग्राफिक एरा अस्पताल लाया गया था। उनकी सांस बहुत फूल रही थी और पैरो में काफी सूजन आ गई थी। वर्ष 2014 में उनकी ओपन हार्ट सर्जरी हुई थी और दिल का वाल्ब बदला गया था। ओपन हार्ट सर्जरी के करीब 11 साल बाद अब से छह माह पहले वही वाल्ब खराब था।

 

ग्राफिक एरा अस्पताल के ह्रदय रोग विभाग के एच.ओ.डी. व विशेषज्ञ डॉ राज प्रताप सिंह ने बताया कि महिला की दुबारा ओपन हार्ट सर्जरी संभव नहीं थी और हार्ट के ट्रांस कैथिडर माइटल वाल्ब रिप्लेसमेंट में जान का जोखिम था क्योंकि इस प्रक्रिया में दूसरा वाल्ब बंद हो सकता है। लिहाजा, महिला की जान बचाने का एक मात्र विकल्प यह बचा था कि लैम्पून प्रोसीजर से खराब हो चुके पुराने वाल्ब को काटकर नया वाल्ब लगाया जाये। ग्राफिक एरा अस्पताल में विशेषज्ञों ने यही प्रक्रिया अपनाई। पहले पुराने वाल्ब को काटकर रास्ता बनाया और फिर नया वाल्ब लगा दिया।

 

डॉ राज प्रताप ने बताया कि किसी चीरफाड़ के बिना इस तकनीक से पैर की नस के जरिये वाल्ब बदल दिया गया। इसके बाद मरीज की स्थिति को ठीक पाते हुए उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। उन्होंने बताया कि इस प्रोसीजर से वाल्ब बदलने का यह पहला मामला है। उत्तराखंड और आसपास के किसी अन्य राज्य में इस तरह बिना ऑपरेशन हार्ट का वाल्ब बदलने का कोई मामला सामने नहीं आया है। देश में भी ऐसी अंगुलियों पर गिने जाने लायक मामले हुए हैं। विशेषज्ञों के इस दल में डॉ राज प्रताप सिंह के साथ ही हृदय रोग के सीनियर कार्डियक सर्जन डॉ अखिलेश पांडेय, रोग विशेषज्ञ डॉ हिमांशु राणा व डॉ अभिषेक, एनेस्थीसिया स्पेशलिस्ट डॉ एस पी गौतम व डॉ पराग कुमार शामिल थे।

 

गौरतलब है कि ग्राफिक एरा अस्पताल के विशेषज्ञ इससे पहले टियर प्रक्रिया से बिना ऑपरेशन हार्ट के लीक करने वाला वाल्ब बदलने, हार्मोनल कुशिंग रोग के दुर्लभ मामले में मस्तिष्क का ऑपरेशन किए बगैर इलाज करने, छोटे बच्चे को तीसरा पेस मेकर लगाने, बंद आहार नली बिना ऑपरेशन खोलने जैसे अनेक कीर्तिमान बना चुके हैं।

 

ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ कमल घनशाला ने इस शानदार कामयाबी पर विशेषज्ञों को बधाई देते हुए कहा कि मानव सेवा को एक मिशन के रूप में आगे बढ़ाने के लिए ग्राफिक एरा अस्पताल दुनिया की एकदम नई तकनीकों और अनुभवी विशेषज्ञों के साथ चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। अत्याधुनिक लैब्स चिकित्सा को एक नये विश्वास से जोड़ रही है ।

For Feedback - feedback@example.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment