देहरादून, । ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ कमल घनशाला ने कहा कि ग्राफिक एरा अस्पताल में चिकित्सा को आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस और डेटा साईस से जोड़ा जा रहा है। देश विदेश की नई तकनीकों और सुपर स्पेशलिस्ट की सेवाओं ने ग्राफिक एरा के अस्पताल को कुछ ही समय में नई ऊंचाइयां दे दी हैं।
ग्राफिक एरा अस्पताल को एमबीबीएस की 150 सीटों के साथ मेडिकल कालेज की मान्यता मिलने के बाद चेयरमैन डॉ कमल घनशाला आज पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नेशनल मेडिकल कमीशन के पहले इंस्पेक्शन में ही ग्राफिक एरा अस्पताल (ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साईसेज) को सभी मानकों पर खरा पाकर वर्ष 2024-25 के एमबीबीएस कोर्स के लिए यह स्वीकृति दी गई है। ग्राफिक एरा अस्पताल में दुनिया की नई तकनीकों और अनुभवी विशेषज्ञों के चलते जटिल रोगों के इलाज और दुर्लभ आपरेशनों के जरिये लोगों की जीवन रक्षा की एक नई राह खुल गई है। अब यहां ये आपरेशन भी हो रहे हैं, जो पहले उत्तराखंड में नहीं होते थे। अत्याधुनिक कैथ लैब, श्री टेक्सला एमआईआई, 128 स्लाइस के सीटी स्कैन समेत समेत एकदम नई तकनीकों का लाभ उत्तराखंड व आसपास के राज्यों के लोगों को मिल रहा है।
डॉ घनशाला ने कहा कि अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रेक्टर और उपकरणों के साथ ही बहुत अनुभवी विशेषज्ञों वाले ग्राफिक एरा अस्पताल में प्रोफेशनलिज्म के साथ अपनेपन के अहसास को जोड़ा गया है। छोटे बच्चों को पेस मेकर लगाने, दिल के छेद का उपचार, नई तकनीक से हार्ट के वाल्ब बदलने, जापान की तकनीक पोयम के जरिये 25 से अधिक लोगों की अवरुद्ध आहार नली खोलने, आहार नली के कैंसर का बिना चीरा लगाये उपचार करने आदि के कारण ग्राफिक एरा अस्पताल लोगों के विश्वास से जुड़ गया है।
डां घनशाला ने कहा कि पिछले चार वर्षों से देश के सर्वश्रेष्ठ सौ विश्वविद्यालयों में जगह पाने वाली ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी को केंद्र सरकार ने वर्ष 2023 में देश भर में 55 वीं रैंक दी थी। इसी के एक अंग के रूप में स्थापित ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साईसेज को भी टॉप पर ले जाने के लिए कार्य किया जा रहा है। डीम्ड यूनिवर्सिटी सीधे केंद्र के नियंत्रण में होने के कारण ग्राफिक एरा के मेडिकल कालेज में एमबीबीएस की सीटों का आवंटन सेंट्रल काउंसलिंग के जरिये केंद्र सरकार की मेडिकल काउंसलिंग कमेटी करेगी।
डॉ कमल घनशाला ने मेडिकल कालेज के रूप में मिली मान्यता को उत्तराखंड की उपलब्धि करार देते हुए इसके लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत का आभार व्यक्त किया।
