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<blockquote>strong>देहरादून, ग्राफिक एरा अस्पताल के विशेषज्ञों ने लेप्रोस्कोपी सर्जरी के जरीए पोस्टेरियर गैस्ट्रिक वाॅल परफोरेशन का उपचार करने में सफलता हासिल की है।
28 वर्षीय व्यक्ति को पेट दर्द व उल्टी की शिकायत के बाद ग्राफिक एरा अस्पताल लाया गया। सीटी स्कैन से मरीज के पेट में एक सेंटीमीटर का छेद होने का पता लगा। मरीज गम्भीर स्थिति में था। ग्राफिक एरा अस्पताल के विशेषज्ञों की टीम ने लेप्रोस्कोपिक सर्जरी से मरीज का उपचार करने में सफलता प्राप्त की। यह उपचार जर्नल सर्जरी डिपाटमेण्ट के एचओडी डा. ऐ. के. मल्होत्रा के निर्देशन में किया गया। उपचार करने वाले विशेषज्ञों की इस टीम में डा. विनम्र मित्तल, डा. अंकित जैन, डा. अमन कामरा, डा. ऐ. के. शर्मा और आॅपरेशन थियेटर सर्जकिल टीम के अशोक व आकाश शामिल थे। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत राज्य में अपनी तरह का यह पहला मामला है।
डा. ऐ. के. मल्होत्रा ने बताया कि पोस्टेरियर गैस्ट्रिक वाॅल परफोरेशन एक दुर्लभ स्थिति है। विश्व में अब तक इसके 30 से भी कम मामले पाये गये हैं। इसमें मरीज के पेट, बड़ी आंत व छोटी आंत में छेद हो जाता है। ग्राफिक एरा अस्पताल में आये परफोरेशन के इस मामले में मरीज पेट में छेद के साथ ही रेट्रोपेरिटोनियल एयर व फ्लूइड कलैक्शन की समस्या से भी जूझ रहा था। उन्होंने बताया कि पहले परफोरेशन के लिए ओपन सर्जरी ही एकमात्र विकल्प होती थी। ग्राफिक एरा अस्पताल के विशेषज्ञों व अत्याधुनिक तकनीकों की मदद से मरीज का उपचार दूरबीन विधि से सफलतापूर्वक किया। उपचार के दौरान ग्राहम पैच से छेद को बंद किया गया और प्रभावित जगह की सफाई रेट्रोपेरिटोनियल लैवेज प्रक्रिया से की गई। उपचार के बाद अब मरीज की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है।
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