---Advertisement---

अश्व क्षेत्र को मिलेगी नई उड़ान: राज्य सरकार और संस्थाओं के बीच होगा करार

By: Naveen Joshi

On: Tuesday, April 14, 2026 3:06 PM

Google News
Follow Us
---Advertisement---

 

देहरादून –  देश के अश्व क्षेत्र (इक्वाइन सेक्टर) के इकोसिस्टम को मजबूती देने के लिए महाराष्ट्र सरकार विभिन्न संस्थाओं और विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग करने के लिए पूरी तरह तत्पर है। इस दिशा में एक ठोस कदम उठाते हुए, राज्य की पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री पंकजा मुंडे ने संबंधित संस्थाओं के साथ ‘सहमति पत्र’ पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की है।

 

वे एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के तत्वावधान में ‘द इक्वाइन कलेक्टिव’ द्वारा आयोजित ‘द इक्वेस्ट्रियन फोरम 2026’ के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बोल रही थीं।

 

विरासत और आधुनिकता का संगम इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्य के विपणन एवं शिष्टाचार मंत्री जयकुमार रावल उपस्थित थे। साथ ही, ‘द इक्वाइन कलेक्टिव’ की संस्थापिका गायत्री कराड, एमआईटी-डब्ल्यूपीयू के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राहुल विश्वनाथ कराड, कार्यकारी निदेशक डॉ. अदिति राहुल कराड, नेशनल हॉर्स ब्रीडिंग सोसाइटी ऑफ इंडिया के डॉ. एफ. एफ. वाडिया और जयपाल सिंह रावल भी मंच पर आसीन रहे।

 

मंत्री पंकजा मुंडे ने जोर देकर कहा कि अश्व क्षेत्र केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें ग्रामीण विकास, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन की अपार संभावनाएं छिपी हैं। उन्होंने कहा, “नए विचार हमेशा चुनौतीपूर्ण होते हैं, लेकिन उनमें बदलाव लाने की असीम शक्ति होती है। अश्व क्षेत्र के विकास के लिए सामूहिक दृष्टिकोण अपनाना समय की मांग है।”

 

असंगठित से संगठित होने की ओर संस्थापिका गायत्री कराड ने वैश्विक परिदृश्य को रेखांकित करते हुए बताया कि भारत का अश्व क्षेत्र $300 बिलियन के वैश्विक इकोसिस्टम का हिस्सा है, लेकिन दुर्भाग्य से यह अब भी असंगठित है। उन्होंने कहा, “इस क्षेत्र में कुशल जनशक्ति के लिए औपचारिक प्रशिक्षण और प्रमाणन का अभाव है। हम इस फोरम के माध्यम से एक ऐसा मंच तैयार कर रहे हैं जो कौशल विकास और दीर्घकालिक करियर के अवसर प्रदान करेगा।”

 

मंत्री जयकुमार रावल ने इंसान और घोड़ों के भावनात्मक संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की इस समृद्ध विरासत को सहेजते हुए इसके आधुनिकीकरण (अश्व पर्यटन और पशु चिकित्सा) पर ध्यान देना आवश्यक है। वहीं, डॉ. राहुल कराड ने शिक्षा, खेल विज्ञान और सरकार के बीच त्रिकोणीय सहयोग को इस क्षेत्र की मजबूती का आधार बताया।

 

श्वेत पत्र और भविष्य का रोडमैप उद्घाटन सत्र के बाद ‘नीति और प्रशासन’ पर एक गहन परिचर्चा हुई, जिसका संचालन वरिष्ठ पत्रकार सायरस मदन ने किया। इस मंथन के आधार पर ‘द इक्वाइन कलेक्टिव’ जल्द ही एक ‘श्वेत पत्र’ जारी करेगा, जिसमें प्रमुख अंतर्दृष्टि और रणनीतिक सिफारिशें शामिल होंगी।

 

 

 

For Feedback - feedback@example.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment