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श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में स्तन कैंसर पीड़ित महिला का पूरा स्तन हटाकर नया स्तन बनाया

By: Naveen Joshi

On: Friday, January 23, 2026 6:34 PM

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देहरादून। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने स्तन कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उत्तराखंड में पहली बार मल्टी-सेंट्रिक्स ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित एक महिला का पूरा स्तन हटाने के बाद उसी के शरीर की मांसपेशियों और त्वचा की सहायता से नया स्तन बनाकर सफल पुनर्निर्माण किया गया। यह अत्यंत जटिल सर्जरी अस्पताल के वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. अजीत तिवारी के नेतृत्व में संपन्न हुई।

चिकित्सा विज्ञान में इस बीमारी को मल्टी-सेंट्रिक्स ब्रेस्ट कैंसर कहा जाता है, जिसमें स्तन के अलग-अलग हिस्सों में एक से अधिक कैंसर ग्रंथियां विकसित हो जाती हैं। ऐसे मामलों में आंशिक सर्जरी संभव नहीं होती और टोटल मैस्टेक्टमी अर्थात पूरा स्तन हटाना आवश्यक होता है। इस मरीज में टोटल मैस्टेक्टमी के साथ ऑटोलॉगस होल ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन किया गया, जिसमें मरीज के अपने शरीर के ऊतकों का उपयोग कर नया स्तन तैयार किया गया।

लगभग पाँच घंटे तक चली इस जटिल सर्जरी के दौरान स्तन के आकार, संतुलन और प्राकृतिक बनावट को विशेष रूप से ध्यान में रखा गया। उल्लेखनीय है कि अब तक इस प्रकार की सर्जरी में प्रायः सिलिकॉन ब्रेस्ट इम्प्लांट का उपयोग किया जाता रहा है, जिनसे संक्रमण, इम्प्लांट फेलियर, स्तन का सख्त हो जाना, दर्द तथा भविष्य में दोबारा सर्जरी की आवश्यकता जैसी जटिलताओं की आशंका बनी रहती है।

डॉ. अजीत तिवारी ने बताया कि मरीज के अपने शरीर से किए गए स्तन पुनर्निर्माण में इम्प्लांट से जुड़ी जटिलताओं का जोखिम काफी कम हो जाता है। इससे स्तन अधिक प्राकृतिक दिखाई देता है, संवेदनशीलता बेहतर रहती है और लंबे समय तक सुरक्षित परिणाम मिलते हैं। उन्होंने बताया कि यह सर्जरी उच्च स्तरीय विशेषज्ञता, गहन शारीरिक संरचना ज्ञान और माइक्रो-सर्जिकल कौशल की मांग करती है, जो देश के चुनिंदा चिकित्सा केंद्रों में ही उपलब्ध है।

यह उन्नत तकनीक विशेष रूप से युवा महिला रोगियों के लिए आशा की नई किरण है, जो कैंसर से मुक्ति के बाद भी सामान्य, आत्मविश्वासपूर्ण और सम्मानजनक जीवन जीना चाहती हैं। डॉ. तिवारी के अनुसार, रिकंस्ट्रक्टिव ब्रेस्ट सर्जरी केवल शारीरिक उपचार नहीं, बल्कि महिला के मानसिक स्वास्थ्य, आत्मसम्मान और सामाजिक आत्मविश्वास से भी गहराई से जुड़ी होती है।

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की यह उपलब्धि रोगी-केंद्रित, आधुनिक और मानवीय कैंसर उपचार की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जो भविष्य में उत्तराखंड की अनेक महिलाओं के लिए प्रेरणा और विश्वास का स्रोत बनेगी।

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Naveen Joshi

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