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विरासत की संध्या में कुमाऊनी गीतों का जादू बोला श्रोताओं के सिर चढ़कर

By: Naveen Joshi

On: Friday, October 17, 2025 7:20 PM

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देहरादून – विरासत महोत्सव की संध्या में कुमाऊनी गीतों की झड़ी लगी, जिसकी शुरुआत जय नंदा सुनंदा….. के साथ भव्य एवं आकर्षक रूप में हुई I यह गीत मुख्य गायक गिरीश सनवाल पहाड़ी व प्रसिद्ध गायिका शकुन्तला रमोला की जोड़ी ने गाकर सभी का हृदय और मन जीत लिया I इस कुमाऊनी गीत में साथ देने वाली गायिका टीम में दल के अन्य सह गायन कलाकारों में मीना नेगी, शिवम् सनवाल, सत्यम सनवाल शामिल रहे I जबकि ढोलक पर अनुज, ऑक्टोपैड पर आशीष नेगी का साथ रहा तथा इस नृत्य में रजनी नेगी, ममता, वंशिका, किरन,रवि शाह, राजीव और नीरज ने साथ दिया I

 

विरासत की संध्या में यह प्रथम प्रस्तुति सभी के लिए मनोरंजन के साथ-साथ बेहतरीन मन को मोहने वाली रही I विरासत के मंच पर “संस्कृति एक सामाजिक संस्था” की टीम में दल की नायिका वन्दना सनवाल रहीं I जबकि आज के मुख्य गायक गिरीश सनवाल “पहाड़ी”रहे I गीतों की प्रस्तुति में देवी देवताओं का संगम रहा I आज की इस सांस्कृतिक विरासत महोत्सव की संध्या में छप शैली में भी नृत्य प्रस्तुत किया गया I आज की इस शुरुआती आकर्षक प्रस्तुति की श्रृंखला में जय नंदा सुनंदा….. के पश्चात् मुख्य चांचरी में चकोटैकी की पावती के क्रम में अन्य कई बेहतरीन कुमाऊनी गीतों का सिलसिला चला, जिनमें क्रमशः रंगीली बिंदी घागर काई…..गीत ने विरासत की महफिल में चार चांद लगा दिए I जबकि प्रसिद्ध गायिका शकुन्तला रमोला के गीत “चंदना म्यार पहाड़ आए”….. पर सभी झूम उठे I सर्ग तारा जुनयाली राता….. गीत की प्रस्तुति ने भी विरासत में अपनी महक छोड़ी I

इसी दौरान श्रृंकार/छोलिया नृत्य की प्रस्तुति से भी श्रोता गदगद हो उठे I इन सभी कुमाऊनी गीतों ने श्रोताओं को अपने गीतों में मदमस्त कर दिया I

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