Prabhat Chingari
राष्ट्रीय

मेरठ में हार्टफुलनेस मेडिटेशन कार्यक्रम का उद्घाटन अरुण गोविल के करकमलों द्वारा संपन्न

 

 

देहरादून – मेरठ स्थित हार्टफुलनेस मेडिटेशन सेंटर में तीन दिवसीय निःशुल्क ध्यान कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध अभिनेता एवं सांसद श्री अरुण गोविल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ श्री अनुपम अग्रवाल, क्षेत्रीय समन्वयक पश्चिमी उत्तर प्रदेश और श्री प्रदीप  शर्मा, जिला समन्वयक मेरठ भी मंच पर उपस्थित थे।

 

अपने प्रेरणादायक संबोधन में श्री गोविल ने ध्यान के लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा:

 

“रोज़ाना केवल बीस मिनट ध्यान करने से तनाव और थकान से मुक्ति मिल सकती है। हमारा मन चंचल होता है और उसमें अनचाही छवियाँ आती रहती हैं। जब हम ध्यान के समय अपने हृदय पर ध्यान केंद्रित करते हैं तो इन विचारों से छुटकारा पाना सरल हो जाता है। हृदय से हमारा तात्पर्य केवल भौतिक हृदय नहीं बल्कि भीतर के प्रकाश से है।”

 

उन्होंने यह भी कहा कि एक सच्चे गुरु की भूमिका आत्मिक प्रगति में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है:

 

“जब गुरु अपने शिष्य को ढूंढ़ लेता है तो आधा कार्य वहीं पूर्ण हो जाता है।”

 

इस अवसर पर  अरुण गोविल को  अनुपम अग्रवाल द्वारा सम्मानित किया गया और “द होली तीर्थंकरज़” पुस्तक भेंट की गई जो कि हार्टफुलनेस के मार्गदर्शक एवं श्री राम चंद्र मिशन के अध्यक्ष, आदरणीय दाजी  की नवीनतम सर्वाधिक बिकने वाली पुस्तक है।

 

कार्यक्रम में लगभग 1000 साधक एवं ध्यान-प्रेमी उपस्थित हुए। उद्घाटन सत्र में एक संगठित हार्टफुलनेस ध्यान सत्र भी आयोजित किया गया।

 

ध्यान का तीन दिवसीय यह कार्यक्रम पूर्णतया निःशुल्क है और सभी इच्छुक व्यक्तियों के लिए सुलभ है। इच्छुक लोग स्थल पर पंजीकरण कर सकते हैं अथवा आमंत्रण पत्र पर दिए गए QR कोड के माध्यम से भी पंजीकरण कर सकते हैं।

 

हार्टफुलनेस के बारे में: हार्टफुलनेस एक वैश्विक ध्यान पद्धति है जो आंतरिक शांति, स्पष्टता, संतुलन, करुणा और उद्देश्यपूर्ण जीवन की ओर मार्गदर्शन करती है। इसकी शुरुआत बीसवीं सदी की शुरुआत में हुई थी और 1945 में श्री राम चंद्र मिशन के माध्यम से इसे संगठित रूप दिया गया। यह पद्धति 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों के लिए उपयुक्त है और सभी पृष्ठभूमियों, संस्कृतियों और मत के लोगों द्वारा अपनाई जा सकती है।

 

आ, हार्टफुलनेस पद्धति दुनिया के 160 से अधिक देशों में फैली हुई हैं और 5,000 से अधिक सेंटर, लाखों साधक तथा हज़ारों प्रशिक्षक स्वैच्छिक रूप से सेवा दे रहे हैं। इसके अलावा यह पद्धति हज़ारों स्कूलों, कॉलेजों, कॉर्पोरेट्स तथा विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में भी अपनाई जा रही है।

 

 

Related posts

केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से शिष्टाचार भेंट करते कृषि मंत्री गणेश जोशी

cradmin

अगर आप वृष से मकर तक हैं, तो आज हर कदम पर मिलेगा भाग्य का साथ

cradmin

1.7 लाख ऑर्डर के साथ वेज बर्गर देहरादून का सबसे लोकप्रिय व्यंजन बना

cradmin

उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक और कोटक लाइफ ने लाइफ इंश्योरेंस की पहुंच बढ़ाने के लिए स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप की घोषणा की है।

cradmin

भारत का ‘ऑपरेशन सिंदूर’: सेना ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस, कितने बजे शुरू हुआ ‘ऑपरेशन सिंदूर’, क्या-क्या हुआ,

prabhatchingari

समाज उत्थान के लिए कार्य करना सबसे बड़ा समर्पण: महाराज

prabhatchingari

Leave a Comment