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उत्तराखंड

इंडो-जर्मन चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स व अकिमा (ACHEMA) ने प्रोसेस इंडस्‍ट्रीज में बदलाव में तेजी लाने के लिए बिजनेस लीडर्स को एकजुट किया

देहरादून- इंडो-जर्मन चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स ने अकिमा के सहयोग से महत्वपूर्ण आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न किया। ‘परिवर्तन के उत्प्रेरक : औद्योगिक वृद्धि और सतत विकास का मार्गनिर्देशन’ नामक आयोजन मुंबई स्थित द प्रेसिडेंट में हुआ था। इससे दुनिया भर में प्रशंसित अकिमा 2024 की भूमिका का उद्देश्य पूरा हुआ है। अकिमा प्रोसेस इंडस्‍ट्रीज  लिए एक प्रमुख फोरम और प्लैटफॉर्म है, जिसका आयोजन फ्रैंकफर्ट, जर्मनी में जून 2024 में किया जायेगा।

औषधि और रसायन (फार्मा और केमिकल) की प्रोसेस इंडस्‍ट्रीज पर केन्द्रित परिवर्तन के उत्प्रेरक (कैटेलिस्ट्स ऑफ़ चेंज) में व्यावसायिक क्षेत्रों की महत्वपूर्ण शख्सियतों ने एकत्र होकर महत्‍वपूर्ण चर्चाओं, सहयोगात्मक पहलों और नेटवर्किंग के अवसरों के लिए एक मंच तैयार किया। कार्यक्रम की शुरुआत इंडो-जर्मन चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के डिप्‍टी डायरेक्‍टर जनरल, उटे ब्रॉकमान के स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद जर्मनी संघीय गणराज्य के मुंबई स्थित कांसुल जनरल, एखिम फेबिग द्वारा भारत-जर्मनी के रिश्तों पर एक विचारणीय सत्र हुआ। इसके बाद, एक और सत्र में जयंत एग्रो ग्रुप के चेयरमैन अभय वी. उदेशी और सिरोन ड्रग्स ऐंड फार्मास्युटिकल्स के निदेशक समीर शाह ने क्रमशः रसायन और औषधि उद्योगों पर अपनी-अपनी जानकारियां प्रस्‍तुत कीं। इसके बाद अकिमा 2024 की एक झलक पेश की गई और डिकिमा एग्जिबिशन्स के व्यवसाय विकास तथा विक्रय प्रमुख ऐंड्रियास कोनर्ट ने आगंतुकों की उम्‍मीदों पर रौशनी डाली। इसके अलावा, कॉन्‍स्‍टेलर एग्जिबिशन्स के इंडियन पोर्टफोलियो डायरेक्‍टर, सुमन भौमिक ने आगामी प्रोसेस इनोवेशन एशिया पैसिफिक (एशिया-प्रशांत क्षेत्र में प्रक्रमण नवाचार) का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया।

सम्मानित वक्ताओं सहित उपस्थित लोगों ने ‘भारतीय परिदृश्य में प्रोसेस इंडस्‍ट्रीज में औद्योगिक वृद्धि और सतत विकास का मार्गनिर्देशन’ की महत्वपूर्ण थीम पर गहन विचार-विमर्श में भाग लिया। इस आयोजन में उद्योग-विशिष्ट चुनौतियों और संभावनाओं पर विचार किया गया जिससे उपस्थित लोगों को उनकी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार गहन जानकारी प्राप्त हुई।

कार्यक्रम में प्रोसेस इंडस्‍ट्रीज के लिए एक वैश्विक अग्रणी प्लैटफॉर्म के रूप में अकिमा की भूमिका पर भी जोर दिया गया तथा विशेषज्ञों, निर्णय-निर्माताओं, और समाधान प्रदाताओं के बीच मजबूत सम्बन्ध के निर्माण के लिए इसकी क्षमता पर जोर दिया गया। अकिमा 2024 की तैयारी के रूप में मुंबई के इस सत्र ने न केवल आयोजन के वैश्विक महत्व को उजागर किया बल्कि भारतीय संदर्भ में इसकी विशिष्ट प्रासंगिकता पर भी प्रकाश डाला।  

डिकिमा एग्जिबिशन्स के बिजनेस डेवलपमेंट तथा सेल्‍स हेड ऐंड्रियास कोनर्ट ने कहा कि, “परिवर्तन के उत्प्रेरक (कैटेलिस्ट्स ऑफ़ चेंज) प्रोसेस इंडस्‍ट्रीज में सार्थक चर्चाओं और सहयोगों के लिए एक उत्प्रेरक साबित हुआ है। जैसा कि हम अकिमा 2024 के लिए तैयारी तेज कर रहे हैं, दुनिया की प्रोसेस इंडस्‍ट्री परिदृश्य में सतत वृद्धि और विकास का मार्ग प्रशस्त करने में इन कार्यक्रम से बड़ी मदद मिलती है।”  

इंडो-जर्मन चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के डिप्‍टी डायरेक्‍टर जनरल, उटे ब्राकमान ने कहा कि, “कैटलिस्‍ट्स ऑफ चेंज की सफलता भारतीय प्रोसेस इंडस्‍ट्रीज में स्‍थायी विकास को बढ़ावा देने के लिए इंडो-जर्मन चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स तथा अकिमा की वचनबद्धता दर्शाती है। जैसा कि उद्योग फ्रैंकफर्ट, जर्मनी में अकिमा 2024 के लिए तैयारी कर

रहा है, इस कार्यक्रम में प्राप्त गहन जानकारी से निश्चित रूप से वैश्विक पैमाने पर प्रोसेस इंडस्‍ट्री के भविष्य को आकार देने में मदद मिलेगी।”

अकिमा एक वैश्विक मंच है जहाँ प्रोसेस इंडस्‍ट्रीज की अग्रणी कंपनियाँ एकसाथ आती हैं। यह कार्यक्रम जर्मनी में फ्रैंकफ़र्ट ऐम मेन में 10 से 14 जून, 2024 तक आयोजित होगा। रजिस्ट्रेशन सहित अन्य विस्तृत जानकारी के लिए यहाँ दे अकिमा केमिकल इंजीनियरिंग, प्रोसेस इंजीनियरिंग और बायोटेक्नोलॉजी के लिए एक वर्ल्ड फोरम है। प्रोसेस इंडस्ट्री (प्रक्रमण उद्योग) के लिए विश्व का यह प्रमुख प्रदर्शन हर तीन साल पर फ्रैंकफर्ट में आयोजित किया जाता है। इसका कार्यक्षेत्र प्रयोगशाला के उपकरण, पंप, और विश्लेष्णात्मक उपकरणों से लेकर पैकेजिंग मशीनरी, बॉयलर और स्टिरर, सुरक्षा प्रौद्योगिकी, मटेरियल और सॉफ्टवेयर तक विस्तृत है। रसायन, औषधि और खाद्य उत्पादन उद्योगों की सभी तरह की ज़रूरतें इसके दायरे में आती हैं। इसके साथ प्रदर्शनी की विविध थीमों के पूरक के रूप होने वाले सम्मलेन में वैज्ञानिक व्याख्यान तथा अतिथियों और सहयोगियों के अनेक कार्यक्रम होंगे। अगला अकिमा 10 से 14 जून, 2024 तक फ्रैंकफर्ट ऐम मेन में होने जा रहा है। अधिक जानकारी www.achema.de/en पर उपलब्ध है।

इंडो-जर्मन चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के विषय में

वर्ष 1956 में निगमित, इंडो-जर्मन चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स या एएचके इंडिएन एक दूसरे के साथ व्यवसाय करने के इच्छुक भारतीय और जर्मन कंपनियों के लिए प्राथमिक संपर्क केंद्र है। यह भारत और जर्मनी के बीच आर्थिक रिश्तों को मजबूती प्रदान करता है और विभिन्न उद्योगों में व्यावसायिक साझेदारी, ज्ञान के आदान-प्रदान तथा सहयोगात्मक पहलों को आसान बनाता है।

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