Advertisement

ग्राफिक एरा में साइबर नेशन व डेटा सुरक्षा पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन

By: prabhatchingari

On: Saturday, November 16, 2024 7:16 PM

Google News
Follow Us

देहरादून, विशेषज्ञों ने कहा कि डेटा सुरक्षा आने वाले समय में एक बढ़ी चुनौती होगी। इसके लिए छात्र-छात्राओं को नऐ कौशल सीखने व इन क्षेत्रों में शोध करने की आवश्यकता है।
ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में साइबर नेशन एण्ड कम्प्यूटेशन पर अतंर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आज आखिरी दिन था। सम्मेलन के समापन सत्र में साफ्टवेयर टेक्नोलाॅजी पार्क आॅफ इण्डिया के निदेशक अशोक कुमार मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे। उन्हांेने कहा कि केन्द्र सरकार ने तकनीकी क्षेत्र में कई नये कदम उठाये हैं इनमें सेमिकन्डक्टर मिशन, एआई मिशन, क्वान्टम मिशन जैसे अनेकों मिशन शामिल हैं ताकि युवाओं को और बेहतर तरीके से नवाचार से जोड़ा जाये। श्री अशोक ने कहा कि आने वाला समय स्मार्ट टेक्नोलाॅजी व एआई का है। इसके लिए जरूरी है कि छात्र-छात्राओं को इसके बारे में पढ़ाया जाये। उन्होंने छात्र-छात्राओं से इससे जुड़े क्षेत्रों में शोध करने के लिए आह्वान किया। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के वैज्ञानिक डा. राकेश कुमार भारद्वाज ने छात्र-छात्राओं को टेरा हट्र्ज के विषय में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि टेरा हट्र्ज एक नई संचार प्रणाली है यह टेरा हट्र्ज फ्रिक्वेंसी पर काम करती है जिसकी मदद से तेज डेटा ट्रांसफर किया जा सकता है। उन्होंने टेरा हट्र्ज को डिफेन्स व सिक्योरिटी के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि इसको एयरपोर्ट्स में इस्तेमाल कर सकते हैं। इसकी स्कैनिंग पावर सामान के अन्दर छुपे हुए किसी भी यंत्र को डिटेक्ट कर सकती है। साथ ही इसका इस्तेमाल किसी भी तरीके के रसायनिक खतरों को पहचानने में भी किया जा सकता है।
इन्फोरमेशन टेक्नोलाजीस, मैकेनिक्स एण्ड आॅप्टिक्स यूनिवर्सिटी, रूस के सेर्गेई बेजातेव ने छात्र-छात्राओं को क्रिप्टोग्राफी के बारे में बताया। उन्हांेने कहा कि यह डेटा को अस्पष्ट या कोड करने की तकनीक है जिससे यह पता लगता है की केवल वही व्यक्ति पढ़ सकता है जिसे जानकारी है या फिर जिसके पास कोड तोड़ने की कुंजी है। उन्होंने एंड टू एंड एनक्रिप्टेड पर भी बात की। पुत्रा यूनिवर्सिटी, मलेशिया की डा. नूर इजुरा उदजिर ने साइबर सुरक्षा से जुड़ी तकनीकों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आजकल सबसे ज्यादा कुछ महत्वपूर्ण है तो वो है डेटा। इसको बचाने के लिए जरूरी है कि नये एप्लिकेशन्स पर काम किया जाये। उन्होंने बायोमेट्रिक सिक्योरिटी, क्रिप्टोग्राफिक टेकनिक्स पर भी जानकारी दी। सनशाइन कोस्ट, एडिलेड, आस्ट्रेलिया के डा. मनीष गुप्ता ने सोशल मीडिया में फैल रही फेक इमेजिस के बारे में जानकारी दी। उन्हांेने कहा कि इंस्टाग्राम, फेसबुक, ट्विटर जैसे प्लेटफार्मस् में आये दिन फेक इमेजिस आती रहती हैं। इसके लिए जरूरी है कि नई टेक्नोलाॅजी और एआई टूल्स को बढ़ावा दिया जाये। जिसकी मदद से फेक इमेजिस को पहचाना जा सके। उन्होंने इसके मैथड्स की भी जानकरी दी। वाॅलोन्गॅन्ग यूनिवर्सिटी, दुबई के डा. मनोज कुमार ने छात्र-छात्राओं को पेनटेस्ट के बारे में विस्तार से बताया। उन्हांेने कहा कि यह प्रक्रिया आमतौर पर लक्ष्य प्रणालियों और एक विशेष लक्ष्य की पहचान करने में की जाती है। पडर््यू यूनिवर्सिटी, यूएस के डा. देवेन्द्र अरोड़ा ने छात्र-छात्राओं के साथ साइबर थे्रट से बचने के टिप्स साझा किए। इसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में छात्र-छात्राओं को बेहतर शोध पत्र लिखने व पेटेण्ट हासिल करने के लिये यंग इनोवेटर्स के अवाडर््स से भी नवाज़ा गया। इनमें विहान सिंह भाकुनि, गौरव खोलिया, खुशी शर्मा, दक्ष रावत, प्रवीण डौंडियाल के नाम शामिल हैं। अतंर्राष्ट्रीय सम्मेलन में आज 40 शोधपत्र पढ़े गये।
अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन डिपार्टमेण्ट आॅफ कम्प्यूटर साइंस एण्ड इंजीनियरिंग ने किया। सम्मेलन में कुलपति डा. संजय जसोला, डीन (रिसर्च एण्ड डेवलपमेण्ट) डा. व्रिन्स विमल, एचओडी डा. दिव्यांश बोर्डलोई, संयोजक डा. विक्रांत शर्मा व डा. सात्विक वत्स, शिक्षक-शिक्षिकाएं व छात्र-छात्राओं मौजूद रहे।

prabhatchingari

I am a passionate editor who loves to cover each and every news and present it forward . For Promotion Related Queries Contact :- 9897399127
For Feedback - feedback@example.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

July 25, 2026

July 24, 2026

July 23, 2026

July 21, 2026

July 4, 2026

June 30, 2026

Leave a Comment