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मदरसा बोर्ड इतिहास बना — उत्तराखंड बना देश का पहला राज्य जिसने उठाया बड़ा कदम

By: Naveen Joshi

On: Monday, October 6, 2025 10:19 PM

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देहरादून। उत्तराखंड में अब मदरसा बोर्ड का अध्याय समाप्त हो गया है। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक, 2025 को मंजूरी प्रदान कर दी है, जिससे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में एक ऐतिहासिक परिवर्तन की शुरुआत हो गई है। इस नए कानून के लागू होते ही प्रदेश के सभी मदरसों को उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता लेनी होगी और उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद (उत्तराखंड बोर्ड) से संबद्ध होना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे “राज्य की शिक्षा प्रणाली को समान, आधुनिक और समावेशी बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम” बताया। उन्होंने कहा कि जुलाई 2026 के शैक्षणिक सत्र से सभी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय पाठ्यक्रम (NCF) और नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप शिक्षा दी जाएगी।

मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया — “हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश का हर बच्चा, चाहे वह किसी भी वर्ग या समुदाय से हो, समान शिक्षा और समान अवसर के साथ आगे बढ़े।” सरकार के इस निर्णय के बाद उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है जिसने मदरसा बोर्ड को समाप्त कर अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थानों को मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली से जोड़ने का साहसिक कदम उठाया है।राजनीतिक और शैक्षिक हलकों में इस निर्णय को “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को साकार करने वाला निर्णय बताया जा रहा है।

 

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