देहरादून। बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा आगामी 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर प्रारम्भ होने जा रही है। राज्य सरकार द्वारा यात्रा को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
चारधाम यात्रा की तैयारियों के संबंध में आयोजित बैठक में वर्चुअल रूप से प्रतिभाग करते हुए प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा आरम्भ होते ही हैली सेवाओं के संचालन में श्रद्धालुओं को होने वाली परेशानियों को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि हैली टिकटों की ब्लैकमेलिंग किसी भी स्थिति में न होने पाए और इस पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थित स्थायी एवं अस्थायी शौचालयों की नियमित सफाई और समुचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, यात्रा मार्ग में पड़ने वाले सभी पेट्रोल पंपों एवं होटलों में श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क शौचालय, स्वच्छ पेयजल तथा वाहनों हेतु हवा की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि यात्रा के दौरान अराजक तत्वों द्वारा अव्यवस्था फैलाने की आशंका रहती है, ऐसे में प्रशासन को सख्ती बरतते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखनी होगी। इसके साथ ही चारधाम आने वाले यात्रियों की अनिवार्य हेल्थ स्क्रीनिंग भी सुनिश्चित की जाए।
मंत्री ने निर्देश दिए कि यात्रा में प्रयुक्त घोड़े-खच्चरों के लिए पर्याप्त भोजन, गर्म पानी तथा पशु चिकित्सकों की समुचित व्यवस्था की जाए। पुलिस गश्त के लिए जीप के स्थान पर मोटरसाइकिलों का उपयोग किया जाए, जिससे यातायात जाम की स्थिति से बचा जा सके।
भीड़ नियंत्रण के लिए प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे एवं कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएं। संवेदनशील एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन टीम की तैनाती अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त यात्रा मार्गों पर कूड़ा प्रबंधन हेतु विशेष अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए रूट, मौसम एवं भीड़ से संबंधित जानकारी हेतु रियल टाइम अपडेट सिस्टम एवं हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाएं। बुजुर्ग एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए व्हीलचेयर, हेल्पडेस्क सहित विशेष सहायता सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएं।
अंत में मंत्री ने होटल एवं ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों से अपील की कि वे “अतिथि देवो भव” की भावना को ध्यान में रखते हुए यात्रियों को यथासंभव रियायत देने का प्रयास करें।
