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धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: उपनल कर्मियों को समान कार्य-समान वेतन, गांव-गांव में लगेंगी शहीदों की प्रतिमाएं

By: Naveen Joshi

On: Wednesday, August 26, 2026 9:33 AM

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के विकास, सुशासन, रोजगार, स्वास्थ्य, ऊर्जा, शहरी विकास और सैनिक कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने राष्ट्रीय सहकारिता नीति-2025 के अनुरूप उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 लागू करने के साथ ही उपनल कार्मिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने की दिशा में बड़ा निर्णय लिया है। वहीं शहीद सैनिकों के सम्मान में उनके पैतृक गांवों में प्रतिमाएं स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया।
सहकारिता को मिलेगा नया आधार
कैबिनेट ने ‘सहकार से समृद्धि’ की अवधारणा को धरातल पर उतारने के लिए उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 प्रख्यापित करने को मंजूरी दी। नीति का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को पारदर्शी, जवाबदेह, तकनीक-सक्षम और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। इसमें महिला एवं युवा सशक्तीकरण, रोजगार सृजन, वित्तीय समावेशन, कृषि मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने और पलायन से पुनर्वास की दिशा में सहकारिता को प्रभावी माध्यम बनाने पर जोर दिया गया है।
नीति के तहत सहकारिता क्षेत्र के लिए सात रणनीतिक मिशन तय किए गए हैं। इनमें संस्थाओं की नींव मजबूत करना, नई पीढ़ी को सहकारिता से जोड़ना, नए क्षेत्रों में सहकारिता का विस्तार तथा आर्थिक व्यवहार्यता एवं विविधीकरण प्रमुख हैं।
उपनल कर्मियों के लिए समान कार्य-समान वेतन की राह साफ
कैबिनेट ने उपनल कार्मिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने के प्रस्ताव को मंजूरी देकर लंबे समय से चल रही मांग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह व्यवस्था तीन चरणों में लागू की जाएगी। पहले चरण में एक जनवरी 2016 से पूर्व नियुक्त कार्मिकों पर कार्रवाई चल रही है। दूसरे चरण में एक जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 तक नियुक्त कार्मिकों को शामिल किया जाएगा, जबकि तीसरे चरण में 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 तक नियुक्त कार्मिकों के लिए प्रक्रिया एक अप्रैल 2027 से शुरू होगी।
सरकार ने सेवा में कृत्रिम ब्रेक के कारण प्रभावित कर्मचारियों को भी राहत देने का निर्णय लिया है। स्वीकृत पदों से अधिक कार्यरत उपनल कर्मियों के समायोजन के लिए भी व्यवस्था की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर अधिसंख्य पद सृजित किए जा सकेंगे।
शहीदों की स्मृति को गांवों में मिलेगी स्थायी पहचान
कैबिनेट ने उत्तराखंड के शहीद सैनिकों के सम्मान में उनके पैतृक गांवों में प्रतिमाएं स्थापित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया। सरकार का मानना है कि इससे शहीदों के त्याग और वीरता की स्मृति आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचेगी। यह पहल सैनिक परिवारों के सम्मान के साथ ही युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करने का माध्यम बनेगी।
1320 मेगावाट बिजली खरीद को मंजूरी
प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा और विश्वसनीय बेस-लोड बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट ने 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीद को मंजूरी दी। न्यूनतम बोलीदाता अडानी पावर लिमिटेड से 25 वर्षों के लिए ₹5.746 प्रति यूनिट के कुल टैरिफ पर 1320 मेगावाट बिजली खरीदने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को बिजली आपूर्ति समझौता करने और नियामक आयोग से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करने के लिए अधिकृत किया गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में दो बड़े फैसले
प्रदेश में दवाओं, सर्जिकल सामग्री, रसायन, उपकरण और इंप्लांट की समयबद्ध एवं पारदर्शी खरीद के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाईज कॉरपोरेशन के गठन के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने सहमति दी।
इसके साथ ही हरिद्वार में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) की शाखा स्थापित करने के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज की 65 एकड़ भूमि में से एक एकड़ भूमि 99 वर्ष की लीज पर ₹1 की दर से देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इससे प्रदेश में रोग निगरानी, महामारी जांच और आपदा जैसी स्वास्थ्य परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता मजबूत होने की उम्मीद है।
रिस्पना किनारे की मलिन बस्ती के चयनित परिवारों को मिलेंगे आवास
देहरादून में रिस्पना नदी के किनारे बसी मलिन बस्ती के चयनित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में भी कैबिनेट ने अहम कदम उठाया है। काठबंगला में निर्मित 116 आवासों को नगर निगम देहरादून द्वारा चयनित पात्र लाभार्थियों को आवंटित करने के प्रस्ताव पर सहमति दी गई।
शहरी विकास परियोजनाओं के लिए 94 पद स्वीकृत
उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी (यूयूएसडीए) के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी देते हुए विभिन्न शहरों में सीवरेज, पेयजल, सड़क, स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक परिवहन, घाट सौंदर्यीकरण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसी परियोजनाओं के संचालन के लिए 94 अस्थायी पदों के सृजन को मंजूरी दी गई।
वेतन मैट्रिक्स में होगा संशोधन
कैबिनेट ने उत्तराखंड सरकारी सेवक वेतन नियमावली-2016 की अनुसूची-1 में वेतन मैट्रिक्स को संशोधित करने का निर्णय लिया। लेवल-13ए के बाद राज्य में लागू लेवल-15 और लेवल-16 के स्थान पर क्रमशः लेवल-14 और लेवल-15 किए जाने का निर्णय लिया गया है, जिससे केंद्र सरकार की वेतन संरचना के अनुरूप व्यवस्था हो सकेगी।
सीएनजी व हाइब्रिड वाहनों पर ग्रीन सेस में बदलाव
कैबिनेट ने मोटर वाहन कराधान व्यवस्था में बदलाव करते हुए सीएनजी एवं हाइब्रिड वाहनों को दी जा रही कर छूट को समाप्त करने की दिशा में निर्णय लिया। सरकार के अनुसार इन वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ राजस्व पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए इन्हें क्रमबद्ध तरीके से कर व्यवस्था के दायरे में लाना आवश्यक हो गया है।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
कैबिनेट ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सांख्यिकीय संवर्ग की नई सेवा नियमावली-2026, कारागार उप कारापाल सेवा संशोधन नियमावली-2026 तथा लोकायुक्त खोजबीन समिति के कार्यकलापों से संबंधित नियमावली-2026 को मंजूरी दी।
शहरी क्षेत्रों के भूमि अभिलेखों के आधुनिक सर्वेक्षण के लिए उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण और अभिलेख संक्रिया नियमावली-2026 को भी मंजूरी दी गई। उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के 22 तृतीय श्रेणी और 63 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को आवश्यकता के अनुसार अन्य विभागों में सेवा स्थानांतरण पर भेजने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली।
इसके अलावा अंत्योदय फाउंडेशन द्वारा ऋषिकेश में कैंसर रोगियों के लिए हॉस्पिस केयर सेंटर स्थापित करने के उद्देश्य से संपत्ति के गिफ्ट डीड पर ₹8.87 लाख की स्टाम्प ड्यूटी से छूट देने, उत्तरांचल विश्वविद्यालय परिनियम-2026 के प्रख्यापन तथा सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए समर्पित प्रकोष्ठ गठित करने को मंजूरी दी गई। अग्निवीर प्रकोष्ठ के लिए छह संविदा पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी गई।
कुल मिलाकर धामी सरकार के इन फैसलों को सहकारिता, रोजगार, स्वास्थ्य, ऊर्जा, शहरी विकास और सैनिक कल्याण को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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