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मेधावी स्किल्स यूनिवर्सिटी और ऑल इंडिया रेल सेफ्टी काउंसिल (एआईआरएससी) के बीच रेल सुरक्षा और तकनीक में वैश्विक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

देहरादून- भारत में रेलवे सुरक्षा और कौशल-आधारित शिक्षा को नया आयाम देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए, मेधावी स्किल्स यूनिवर्सिटी (एमएसयू) और ऑल इंडिया रेल सेफ्टी काउंसिल (एआईआरएससी) ने एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत 24×7 ग्लोबल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन रेल सेफ्टी, टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट की स्थापना की जाएगी। यह साझेदारी रेल उद्योग की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विश्वस्तरीय विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

मेधावी स्किल्स यूनिवर्सिटी और ऑल इंडिया रेल सेफ्टी काउंसिल की इस रणनीतिक साझेदारी का उद्देश्य उद्देश्य कॉलेज के छात्रों और स्नातकों के लिए यूजी, पीजी डिग्री प्रोग्राम बनाने और पेश करने के लिए मिलकर काम करना है जो उद्योग की जरूरतों के अनुरूप हैं। एमएसयू और एआईआरएससी मिलकर विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रम विकसित करने और नई शोध परियोजनाएँ शुरू करने के लिए पाठ्यक्रम तैयार करेंगे। ये कार्यक्रम एआईआरएससी सुरक्षा और आपदा प्रबंधन अकादमी का हिस्सा होंगे, जो अखिल भारतीय रेल सुरक्षा परिषद की शिक्षण शाखा है। भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 इस साझेदारी के लिए एक खाका है, जिसका उद्देश्य शिक्षा को वास्तविक समय में अधिक लचीला, महत्वपूर्ण और प्रासंगिक बनाना है।

 

इन कार्यक्रमों को तीन तरीकों से छात्रों तक पहुंचाया जाएगा: ऑनलाइन, मिश्रित (ब्लेंडेड) और पारंपरिक कक्षा पद्धति। इससे देशभर के छात्र इन पाठ्यक्रमों को आसानी से अपना सकेंगे और व्यावहारिक आधार मजबूत कर सकेंगे। पाठ्यक्रम की डिलीवरी, प्रगति की निगरानी और उद्योग से जुड़ाव के लिए एक डिजिटल लर्निंग पोर्टल भी स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा, एमएसयू अपने परिसरों, साझेदार संस्थानों और अधिकृत केंद्रों के माध्यम से ए आई आर एस सी -स्वीकृत पाठ्यक्रम उपलब्ध कराएगा, जिससे भारत में रेल सुरक्षा और संचालन को मजबूती मिलेगी।

 

इस अवसर पर श्री कुलदीप शर्मा, सह-संस्थापक एवं प्रो-चांसलर, मेधावी स्किल्स यूनिवर्सिटी ने कहा:

“यह साझेदारी नवाचार और उद्योग सहयोग के माध्यम से कौशल-आधारित शिक्षा के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हम एक 24×7 ग्लोबल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन रेल सेफ्टी एजुकेशन शुरू कर रहे हैं, जो फ्लेक्सिबल, नौकरी के लिए तैयार कार्यक्रम, संरचित इंटर्नशिप और समर्पित प्लेसमेंट के माध्यम से वैश्विक रोजगार के अवसरों को साकार करेगा।”

 

डॉ. आर. पद्मनाभन, अध्यक्ष, ऑल इंडिया रेल सेफ्टी काउंसिल ने कहा:

” मेधावी स्किल्स यूनिवर्सिटी के साथ हमारी साझेदारी भारतीय रेलवे में सुरक्षा को बेहतर बनाने और भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हम अकादमिक ज्ञान को सुरक्षा उपायों और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर की योजना में शामिल कर एक ऐसे नए विशेषज्ञ वर्ग का निर्माण करना चाहते हैं, जो वैश्विक स्तर पर दक्ष और सुरक्षा के प्रति समर्पित हो।”

 

जून 2023 की पीटीआई समाचार रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे में 2.74 लाख से अधिक पद खाली हैं, जिनमें से 1.7 लाख से अधिक सुरक्षा श्रेणी के महत्वपूर्ण पद हैं। यह स्थिति कौशल विकास की तत्काल आवश्यकता को उजागर करती है, ताकि भारत के रेलवे नेटवर्क की सुरक्षा और दक्षता को सुदृढ़ किया जा सके। यह समझौता न केवल सुरक्षा मानकों को बढ़ाएगा, बल्कि रेलवे तकनीक और प्रबंधन में बहु-विषयक शिक्षा और अनुसंधान को एकीकृत करते हुए एक परिवर्तनकारी साझेदारी की नींव भी रखेगा।

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