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उत्तराखण्ड में विकास का नया अध्याय: धामी सरकार के चार साल

By: cradmin

On: Sunday, March 22, 2026 11:04 AM

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड ने बीते चार वर्षों में विकास की नई इबारत लिखी है। यह अवधि केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और ठोस परिणामों के लिए जानी गई। नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत @2047” के विज़न को साकार करने में राज्य ने अग्रणी भूमिका निभाते हुए खुद को एक सशक्त मॉडल के रूप में स्थापित किया है।

राज्य की सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना, जिसने समान नागरिक संहिता लागू की। इसके साथ ही सशक्त भू-कानून, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और नकल विरोधी कानून जैसे ऐतिहासिक फैसलों ने शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया है। नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद भर्ती प्रक्रियाओं में विश्वास बढ़ा है और चार वर्षों में 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिलना इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है।

आर्थिक दृष्टि से भी राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। वर्ष 2024-25 में उत्तराखण्ड का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) ₹3.81 लाख करोड़ तक पहुंच गया, जो वर्ष 2021-22 की तुलना में लगभग डेढ़ गुना वृद्धि को दर्शाता है। प्रति व्यक्ति आय ₹2.73 लाख तक पहुंची है, जबकि बहुआयामी गरीबी दर घटकर 6.92 प्रतिशत रह गई है। राज्य की विकास दर 7.23 प्रतिशत दर्ज की गई, जो मजबूत आर्थिक आधार का संकेत है।

औद्योगिक क्षेत्र में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान ₹3.56 लाख करोड़ के एमओयू साइन हुए, जिनमें से ₹1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। स्टार्टअप इकोसिस्टम में उत्तराखण्ड को “लीडर” का दर्जा मिला है, वहीं एमएसएमई इकाइयों की संख्या बढ़कर करीब 80 हजार तक पहुंच गई है, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन हुआ है।

स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी राज्य ने व्यापक कार्य किए हैं। अटल आयुष्मान योजना के तहत 61 लाख से अधिक कार्ड बनाए गए और 17 लाख से अधिक मरीजों को ₹3400 करोड़ से अधिक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया। महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण, सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत भागीदारी तथा “लखपति दीदी” योजना के माध्यम से 2.5 लाख से अधिक महिलाओं का सशक्तिकरण सुनिश्चित किया गया है।

पर्यटन और धार्मिक आस्था के क्षेत्र में उत्तराखण्ड ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। वर्ष 2025 में 6 करोड़ से अधिक पर्यटक राज्य पहुंचे, जबकि चारधाम और कांवड़ यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी रही। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य तेजी से जारी हैं। मानसखंड मंदिर माला मिशन और शीतकालीन यात्रा की शुरुआत से पर्यटन को वर्षभर सक्रिय बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड, रोपवे परियोजनाएं और हेली सेवाओं का विस्तार राज्य की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं। हेलीपोर्ट और हेलीपैड की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नवाचार के तहत मिलेट्स नीति, कीवी नीति और ड्रैगन फ्रूट योजना के जरिए किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।

धामी सरकार के चार वर्ष उत्तराखण्ड के लिए परिवर्तनकारी साबित हुए हैं। कानून व्यवस्था से लेकर अर्थव्यवस्था, पर्यटन, सामाजिक कल्याण और आधारभूत ढांचे तक हर क्षेत्र में व्यापक सुधार देखने को मिले हैं। केंद्र सरकार के सहयोग और मजबूत नेतृत्व के साथ उत्तराखण्ड अब विकसित भारत के निर्माण में एक प्रभावी भागीदार बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

“हमारा संकल्प केवल विकास नहीं, बल्कि समग्र और संतुलित विकास है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड को श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में हम निरंतर कार्य कर रहे हैं। विकसित भारत @2047 के लक्ष्य में उत्तराखण्ड अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”

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